मोदी लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित, बोले- पुरस्कार राशि गंगा को समर्पित कर रहा हूं
पुणे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पुणे पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले दगड़ूशेठ हलवाई मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की। पुणे में PM मोदी को तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट की ओर से लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में NCP चीफ शरद पवार बतौर चीफ गेस्ट मौजूद रहे। मंच पर PM मोदी के एक तरफ शरद पवार, तो दूसरी तरफ उनके भतीजे अजित पवार बैठे नजर आए। मौके पर PM ने कहा कि आज मैंने दगड़ू सेठ मंदिर में पूजा की। दगड़ू सेठ पहले व्यक्ति थे, जो तिलक के आह्वान पर गणेश प्रतिमा की स्थापना में शामिल हुए थे। यह सम्मान अविस्मरणीय है।
जो संस्थान सीधे तौर पर तिलकजी से जुड़ा हो, उससे लोकमान्य तिलक सम्मान सौभाग्य की बात है। अवॉर्ड के साथ जो धनराशि मुझे दी गई है, वो गंगा जी को समर्पित कर रहा हूं। नमामि गंगे परियोजना के लिए इसे दान देने का फैसला लिया है।’
PM ने कहा कि लोकमान्य तिलक भारत के स्वतंत्रता इतिहास के माथे के तिलक हैं। देश की आजादी में उनकी भूमिका, उनके योगदान को कुछ घटनाओं और शब्दों में नहीं समेटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मैं इस अवॉर्ड को 140 करोड़ देशवासियों को समर्पित करता हूं।
PM के साथ शरद के मंच साझा करने का विपक्षी दल कर रहे विरोध
शरद पवार का PM मोदी के साथ मंच साझा करना विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A के नेताओं को रास नहीं आ रहा। खासकर कांग्रेस के नेताओं में इस बात को लेकर बेचैनी है कि मुंबई में होने वाली विपक्ष की आगामी बैठक से पहले शरद पवार का मोदी के साथ दिखना गलत संदेश देगा। विपक्ष को यह भी अंदेशा है कि BJP जानबूझकर ऐसा कर रही है, ताकि विपक्ष बंटा हुआ दिखे।
PMO के मुताबिक, लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्र की प्रगति और विकास के लिए काम किया है। इनके योगदान को केवल उल्लेखनीय और असाधारण रूप में देखा जा सकता है। यह पुरस्कार हर साल 1 अगस्त को लोकमान्य तिलक की पुण्यतिथि पर दिया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी से पहले यह पुरस्कार पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा और प्रणब मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के अलावा मशहूर व्यवसायी एन आर नारायणमूर्ति और ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन जैसे 40 दिग्गजों को दिया जा चुका है।








