झारखंड की संपदा पर लोगों की गिद्ध की नजर: चंपाई

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हजारीबाग में सीएम ने बांटा अबुआ आवास का स्वीकृति पत्र

हजारीबाग। सीएम चंपाई सोरेन सोमवार को हजारीबाग में थे। यहां उन्होंने आबुआ आवास के लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र का वितरण किया। मौके पर उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण धनी प्रदेश है। पर यहां की संपदा पर बाहरी लोगों की गिद्ध नजर है।

यहां के खनिज का लाभ महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली के लोग उठा रहे हैं। इसके बावजूद झारखंड के मूलवासी जहां के तहां है। लोग जानते हैं कि यह खनिज संपदा से भरा हुआ प्रदेश है। यहां आने के साथ ही दो तल्ला मकान और ट्रक का मालिक बन जाते हैं।

यहां की आर्थिक स्थिति बहुत दयनीय है। शैक्षणिक स्थिति दयनीय है। लोगों के पास पहने को कपड़ा नहीं है। पैर में चप्पल कर नहीं है।चंपई ने कहा कि 2019 में जनता ने हमें जनादेश दिया था।

इस दौरान हमने भरपूर काम करने की कोशिश की, लेकिन भाजपा ने कभी भी हमारी सरकार को स्थिर नहीं रहने दिया। 4 साल हेमंत बाबू ने बेहतर काम किया। विपक्ष हमको पार्ट 2 कहता है। बचे हुए एक साल हमें सभी काम को पूरा करना है।

हेमंत बाबू ने कई बार केंद्र सरकार को पत्राचार किया कि पीएम आवास का पैसा दीजिए। जब नहीं दिया तब हमारी सरकार ने सोचा कि हमलोग यहां के आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यक को आबुआ आवास देंगे।  हम दो नहीं तीन कमरा का मकान देंगे।

इसलिए सरकार ने अपने बल पर घर देने का फैसला किया। सोरेन ने कहा कि यहां सामाजिक व्यवस्था सुरक्षित नहीं है। इसलिए हम इन गरीबों के लिए सर्वजन पेंशन योजना लेकर आए हैं। अब किसी को ब्लॉक और कार्यायल का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।  

उन्होंने कहा कि हेमंत बाबू की सरकार ने ऐसा काम किया कि किसी बिचौलिया को जगह नहीं मिला। आप घबराईए मत, सूची बन गया है, सभी को घर मिलेगा। जिनको नहीं मिला है वो भी चिंता मत करिए सबको आवास देंगे हम।

2027 तक झारखंड में एक भी ऐसा एक भी नहीं बचेगा जिसके पास पक्का मकान नहीं होगा। रोशनी की जरूरत है तो हम 125 यूनिट फ्री बिजली देंगे। 30 लाख लाभुक को फ्री बिजली मिलेगी। हमारी  सरकार हर गरीब के साथ है।

एक दिन हम ऐसी व्यवस्था करेंगे कि गांव और शहर के बीच की खाई को मिटा देंगे। मुख्यमंत्री गाड़ी ग्राम योजना लेकर हम आ रहे हैं हम शहर और गांव के बीच की दूरी को पाट देंगे।

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