रांची। झारखंड के पूर्व मंत्री अमर कुमार बाउरी, डॉ नीरा यादव, रणधीर कुमार सिंह, लुईस मरांडी और नीलकंठ सिंह मुंडा पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में PE दर्ज होगा। इस प्रस्ताव को मंगलवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। यह जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) करेगी।
इसे लेकर साल 2020 में RTI एक्टिविस्ट पंकज कुमार यादव ने झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इसी याचिका आलोक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मई 2022 में एसीबी को जांच का आदेश दिया था, जिसे अब जाकर कैबनेट की मंजूरी मिली है।
यादव ने याचिका में पूर्व मंत्री अमर कुमार बाउरी, रणधीर सिंह, नीरा यादव, लुईस मरांडी और नीलकंठ सिंह मुंडा पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उनके कार्यकाल में उनकी संपत्ति में 200 से 1000 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
यादव ने मामले की जांच पहले इनकम टैक्स के इन्वेस्टिगेशन डायरेक्टर से और फिर एसीबी से कराने की मांग की थी। यादव के वकील राजीव कुमार की दलील थी कि पूर्व मंत्री बंधु तिर्की की संपत्ति 126% अधिक मिली तो सरकार ने एसीबी जांच कराकर उन्हें आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल भेज दिया था। इन मंत्रियों की संपत्ति तो इनसे काफी अधिक बढ़ी है, इसलिए एसीबी जांच जरूरी है।
पंकज कुमार यादव कोर्ट में याचिका दायर करने से पहले एसीबी के पास भी गये थे। उन्होंने पूर्व सीएम रघुवर दास एवं तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा और प्रधान सचिव सुनील वर्णवाल सहित कई अफसरों पर भी केस दर्ज करने की मांग की थी।







