Mahashivratri fair food poisoning: महाशिवरात्रि मेले में खाए गोलगप्पे पड़े भारी, पलामू में 25 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी

3 Min Read

Mahashivratri fair food poisoning:

पलामू। पलामू जिले में महाशिवरात्रि मेले के दौरान गोलगप्पा खाना कई बच्चों के लिए मुसीबत बन गया। पांकी थाना क्षेत्र के द्वारिका स्थित रघुआखाड़ में लगे मेले के बाद 25 से अधिक बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सभी बच्चों में उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन जैसी शिकायतें सामने आई हैं। घटना के बाद गांव में अफरातफरी का माहौल है।मिली जानकारी के अनुसार महाशिवरात्रि के अवसर पर मेले में बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे पहुंचे थे। बच्चों ने मेले में लगे ठेले से गोलगप्पे खाए। देर रात से ही एक-एक कर बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। किसी को तेज उल्टी हुई तो किसी को दस्त की शिकायत शुरू हो गई। सोमवार सुबह तक हालात और गंभीर हो गए, जिसके बाद अभिभावकों की चिंता बढ़ गई।

स्वास्थ्य विभाग हरकत में

ग्रामीणों ने तुरंत पांकी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया। मेडिकल टीम को गांव भेजा गया है और एंबुलेंस भी मौके पर पहुंचाई गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चों को अस्पताल ले जाया जा सके। फिलहाल अधिकतर बच्चों का प्राथमिक इलाज गांव में ही किया जा रहा है। पांकी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. महेंद्र प्रसाद ने बताया कि कई बच्चों के बीमार होने की सूचना मिली है। टीम गांव में पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही है। जिन बच्चों की हालत ज्यादा खराब है, उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल रेफर किया जाएगा।

अभिभावकों में चिंता

द्वारिका निवासी ध्रुव कुमार गुप्ता ने बताया कि उनके बेटे ने भी मेले में गोलगप्पा खाया था, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि गांव के एक दर्जन से ज्यादा बच्चे गंभीर रूप से प्रभावित हैं। परिजन बच्चों की देखभाल में जुटे हैं और स्वास्थ्य विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

फूड पॉइजनिंग की आशंका

प्राथमिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि मेले में बेचे गए गोलगप्पों की वजह से फूड पॉइजनिंग जैसी स्थिति बनी है। हालांकि, वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य सामग्री के सैंपल लेने और मामले की विस्तृत जांच की बात कही है।घटना के बाद स्थानीय प्रशासन भी सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

Share This Article