7 दिन में प्रत्याशी नहीं बदले जाने पर सामूहिक इस्तीफे की धमकी
देवघर। गोड्डा संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दीपिका पांडेय सिंह का विरोध शुरू हो गया है।
देवघर जिला कांग्रेस ने बुधवार को पार्टी कार्यालय के बाहर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। साथ ही जिला कमेटी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर, गोड्डा संसदीय सीट से प्रत्याशी के नाम पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
जिला कमिटी के तर्क है कि पार्टी का निर्णय संगठन और धरातल के विपरीत है। जिला कमिटी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से कहा है कि क्षेत्र की 90 फीसदी आबादी की अनदेखी की गई।
जिला कमिटी का कहना है कि गोड्डा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में 90 फीसदी आबादी पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यकों की है।
विरोध कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों का तर्क है कि दीपिका पांडेय सिंह यहां कमजोर और डमी कैंडिडेट साबित होंगी।
जिला कमिटी ने कहा है कि दीपिका पांडेय सिंह की उम्मीदवारी से गोड्डा में पार्टी की 5 न्याय और 25 गारंटी के साथ-साथ आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी वाली घोषणा दिखावा सिद्ध हो रहा है।
कमिटी ने तर्क दिया है कि प्रत्याशी की घोषणा से ऐसा लगता है कि केंद्रीय नेतृत्व को धरातल की वास्तविक वस्तुस्थिति से अवगत नहीं कराया गया है।
उन्हें गुमराह किया गया है। पार्टी के फैसले से 90 फीसदी आबादी में नाराजगी है। हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं। इनका तर्क है कि प्रत्याशी की हार सुनिश्चित है।
कमिटी ने आरोप लगाया है कि कमजोर प्रत्याशी देकर पार्टी ने विपक्षी को वाकओवर दिया है।
चेतावनी भरे लहजे में कमिटी के सदस्यों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से 7 दिन में उम्मीदवार के नाम पर पुनर्विचार करने को कहा है।
कहा है कि ऐसा नहीं किया गया तो हम सभी पार्टी और पद से सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे।
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