मुंबई। लोकसभा चुनाव 2024 में मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट हुए विपक्षी दलों की अगली बैठक 13-14 जुलाई को बेंगलुरू में होगी। पहले यह बैठक शिमला में होनी थी। इससे पहले बीते 23 जून को पटना में विपक्षी दलों का महाजुटान हुआ था। अब बेंगलुरू में होनेवाली बैठक में विपक्षी दलों के महागठबंधन के नाम पर मुहर लग जाएगी। यह जानकारी NCP सुप्रीमो शरद पवार ने दी है। उन्होंने दावा किया है कि पटना में हुए बैठक के बाद पीएम मोदी बेचैन हो गए हैं।
शरद पवार ने 23 जून की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि पटना में विपक्षी दलों की बैठक के बाद पीएम मोदी बेचैन हो गए हैं। शरद पवार के 2019 में बीजेपी-एनसीपी सरकार में शामिल होने के फड़णवीस के दावों पर कहा कि पूरा प्रकरण उन्हें बेनकाब करने के लिए था कि वे सत्ता के लिए कितने बेचैन हैं। पवार ने कहा कि मुझे नहीं पता कि यह राजनीतिक खेल था या नहीं, लेकिन मैं आपको बता दूं कि मेरे ससुर सादु शिंदे बहुत अच्छे गुगली गेंदबाज थे और मैं आईसीसी का अध्यक्ष रह चुका हूं। इसलिए मुझे पता है कि गुगली बॉल कैसे फेंकनी है।
पटना बैठक में शामिल विपक्षी दलों के एक महत्त्वपूर्ण सहयोगी ने संकेत दिया था कि सत्तारूढ़ NDA के सामने विपक्ष अपने गठबंधन को पीडीए का नाम दे सकता है। इस पीडीए का विस्तार पेट्रियॉटिक डेमोक्रेटिक एलायंस हो सकता है। इसमें पेट्रियॉटिक शब्द जोड़कर विपक्ष यह बताने की कोशिश कर सकता है कि वे भाजपा से कहीं ज्यादा राष्ट्रवादी हैं।







