रांची। रांची समेत पूरे झारखंड में प्याज की कीमत जल्द ही काबू में आ जायेगी। फिलहाल बाजार में प्याज की कीमत प्रति किलो 50 से 65 रुपये तक है। अभी इसके और बढ़ने के कयास लगाये जा रहे हैं। लेकिन प्याज की कीमत ज्यादा दिन रूला नहीं सकेगी। क्योंकि केंद्र सरकार ने प्याज की कीमत को कम करने के लिए निर्यात शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया है।
केंद्र सरकार का मानना है कि इस कदम से प्याज की कीमत को नियंत्रित किया जा सकेगा। बता दें कि वर्तमान में प्याज की थोक कीमत 5000 रुपये क्विंटल से लेकर 5500 रुपये क्विंटल तक है। यह दर इसलिए बढ़ी है, क्योंकि मंडियों में प्याज की आवक कम है।
इन राज्यों से आते हैं प्याज
बता दें कि झारखंड की मंडियों में कई दूसरे राज्यों से भी प्याज मंगाई जाती है। इन राज्यों में प्रमुख हैं, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात। इन राज्यों की मंडियों से ही प्याज बढ़ी हुई कीमत पर झारखंड भेजी जा रही है। जिसका सीधा असर प्याज के खुदरा कारोबारियों औऱ इसकी कीमत पर पड़ रहा है।
दिसंबर तक बढ़ा रहेगा निर्यात शुल्क
रांची के बाजारों में भी प्याज उपरोक्त राज्यों की मंडी से ही आते हैं। केंद्र सरकार ने प्याज की खपत और मांग को देखते हुए दिसंबर महीने तक प्याज के निर्यात शुल्क को बढ़ाने का फैसला लिया है।
ये होगा असर
अब एक टन प्याज निर्यात करने पर 800 यूएस डालर निर्यात शुल्क कारोबारी को देना होगा। भारतीय करेंसी में ये रकम लगभग 66000 रुपये हो जाती है। यानी एक किलो प्याज का निर्यात अब 66 रुपये में होगा। पहले ये नियार्त शुल्क अधिकतम 7 रुपये तक था। सरकार का मानना है कि इससे प्याज के निर्यात में आयेगी और देश की मंडियों में पहले से अधिक प्याज की आपूर्ति हो सकेगी।








