अब बालू तस्करी में घिरी दारोगा मीरा सिंह और करीबी कांग्रेस नेता, ED को मिले सबूत

3 Min Read

रांची। तुपुदाना ओपी प्रभारी मीरा सिंह और उनके करीबी कांग्रेस नेता मोहित शाहदेव अब बालू तस्करी के आरोप में घिर गये हें। इन दोनों के ठिकानों पर बीते गुरुवार को ईडी ने छापेमारी की थी। मीरा के आवास पर छापेमारी के दौरान ईडी की टीम ने 8 मोबाइल और 15 लाख कैश जब्त किया था।

इन मोबाइल फोन से ईडी ने करीब 100 जीबी डाटा रिकवर किया है। वाट्सएप का चैट भी रिकवर किया गया है। जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। व्हाट्सएप चैट में पाया गया कि मीरा सिंह ने कांग्रेस नेता मोहित शाहदेव समेत कई लोगों के साथ बालू की तस्करी की बातचीत की है।

कई ट्रकों के नंबर भी चैट में पाए गये हैं। जिन्हें पासिंग देने की बात लिखी हुई है। जानकारी के मुताबिक चैट में एक आईपीएस की पोस्टिंग कराने की भी बात लिखी है।

2021 में जब मीरा सिंह को खूंटी की महिला थाना प्रभारी थीं, तब एसीबी ने उन्हें 15 हजार रुपये रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बावजूद भी उनके रसूख में कोई फर्क नहीं पड़ा। वह और ज्यादा पावरफुल होकर बाहर निकलीं।

जेल से बाहर आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने इनका खूंटी जिला बल में ट्रांसफर कर दिया था। लेकिन उनके रसूख की वजह से पुलिस मुख्यालय को अपना आदेश रद्द करना पड़ा और फिर मीरा की पसंद से रांची जिला बल में पदस्थापित किया गया।

बता दें कि मीरा सिंह 2012 बैच की दारोगा हैं। वह सत्ता की करीबी रही हैं। उनकी पहुंच यहां तक है कि एक बार डीजीपी को भी उनके तबादले का आदेश वापस लेना पड़ा था। 25 फरवरी, 2021 को खूंटी में थाना प्रभारी रहते हुए मीरा सिंह को एसीबी ने 15 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था।

रांची जिला में स्थानांतरित होने के बाद मीरा सिंह को दो साल पहले तुपुदाना ओपी का थाना प्रभारी बनाया गया था। मीरा सिंह पर गंभीर आरोप लग चुके हैं। उन्हें पद से हटाने की भी अनुशंसा हुई है।

इसे भी पढ़ें

बिहार में निर्माणाधीन सबसे लंबे पुल का स्लैब गिरा, एक की मौत और कई घायल

Share This Article
Exit mobile version