रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने आयोग और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
राजेश प्रसाद की इस जनहित याचिका पर मंगलवार को चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ में सुनवाई हुई।
विभिन्न विभागों में 2025 पदों के लिए हुई इस परीक्षा में 6.50 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
दोनों पक्षों को हाईकोर्ट का नोटिसः
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील अजीत कुमार ने कहा कि यह परीक्षा 28 जनवरी को हुई थी। लेकिन पेपर लीक हो गया। जेएसएससी ने परीक्षा रद्द कर दी।
पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी बनाई, जिसने कई लोगों को गिरफ्तार किया। पर जांच का परिणाम क्या रहा, यह सार्वजनिक नहीं किया गया। फिर 21 और 22 सितंबर को दोबारा परीक्षा हुई और पेपर लीक हो गया।
दर्ज नहीं हुआ आनलाइन FIR:
कई केंद्रों पर पहली पाली में दूसरी पाली का पेपर बांट दिया गया। अभ्यर्थी राजेश प्रसाद ने एफआईआर दर्ज करने के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए। इसके बाद राजेश ने पेपर लीक की सीबीआई या न्यायिक आयोग से जांच कराने के लिए जनहित याचिका दाखिल की।
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