नामांकन घोटाला: फर्जी कागजात पर बन रहे सर्टिफिकट, CBI का खुलासा

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रांची। झारखंड में नामांकन घोटाले की जांच कर रही CBI ने बड़ा खुलासा किया है। राज्य में फर्जी कागजात के आधार पर जरूरी सर्टिफिकेट बनाये जा रहे हैं और इनके आधार पर नामांकन भी हो रहा है।

इस फर्जीवाड़े के कारण बाहर यानी दूसरे राज्यों के छात्र झारखंड के कोटे में नामांकन पाने में सफल हो रहे हैं। इस फर्जीवाड़े में नगर निगम और संबंधित कार्यालय के कर्मचारियों के अलावा दलाल और अभिभावक भी शामिल हैं।

जांच एजेंसी के मुताबिक इस फर्जीवाड़े में पूरा रैकेट काम कर रहा है, जो बिहार, यूपी, पश्चिम बंगाल से लेकर रांची तक सक्रिय है।

सीबीआई ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रतिष्ठित स्कूल-कॉलेज में नामांकन कराये जाने की जांच रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी है।

सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि अधिकारियों एवं बच्चों के अभिभावक, ग्राम पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव और वार्ड पार्षद की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवासीय और जन्म प्रमाण पत्र बनाये जा रहे है।

इतना ही नहीं फर्जी कागजात के आधार पर डोमिसाइल और स्थानीय प्रमाण पत्र के अलावा जाति प्रमाण पत्र भी बनवाये जा रहे हैं।

इनमें अधिकतर राज्य से बाहर के लोग हैं। जांच में यह भी पाया गया है कि शैक्षणिक संस्थान के प्रबंधन की आंख में धूल झोंककर फर्जी डोमेसाइल और जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर प्रतिष्ठित स्कूल और सनिक स्कूल तिलैया में बड़े पैमाने पर झारखंड कोटे से नामांकन हुआ है।

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि अवैध तरीके से डोमेसाइल एवं जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर अच्छे स्कूलों और तिलैया सैनिक स्कूल में नामांकन कराये जा रहे हैं।

बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा होने से झारखंड कोटे की सीटें भर जा रही है और बाहरी को यहां मौका मिल जा रहा है।

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