रांची, एजेंसियां। झारखंड के मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की बातों को कोरी अफवाह बताया है।
दरअसल भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शनिवार को फिर सोरेन परिवार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सोरेन परिवार ने मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को अपमानित करने का फैसला कर लिया है।
सोशल मीडिया में उन्होंने कहा कि मधु कोड़ा के बाद मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन कोल्हान के दूसरे नेता होंगे, जिन्हें सोरेन परिवार ने बेइज्जत करने का फैसला किया है। मधु कोड़ा को हटाकर गुरुजी खुद मुख्यमंत्री बने और मधु कोड़ा को जेल भेजा गया।
निशिकांत ने कहा है कि अब चंपाई सोरेन को हटाकर कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। उन्होंने दावा किया है कि सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवार की घोषणा बिना मुख्यमंत्री की जानकारी के की गई है।
इसका कारण यह है कि सिंहभूम हार का ठीकरा मुख्यमंत्री पर फोड़ा जाए। चाईबासा हार मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को हटाने के लिए काफी है।
सांसद ने दावा किया है कि उनकी सूचना के अनुसार नाराज होकर आंदोलनकारी मुख्यमंत्री अब चार दिन अपने विधानसभा क्षेत्र में ही रहेंगे।
यह घोर अनर्थ है। दुबे ने कहा है कि गो तस्करी का विरोध करने पर उनके खिलाफ मोहनपुर थाने में केस हुआ है। झारखंड हाईकोर्ट ने केस पर रोक लगा दिया है, लोकसभा की विशेषाधिकार समिति में देवघर एसपी ने कहा कि सांसद पर केस नहीं बनता है।
मुझे मानसिक तौर पर प्रताड़ित और बेइज्जत करने के लिए मोहनपुर थाने ने मुझे 19 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया है।
निशिकांत दुबे ने कहा कि वे पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरह भगोड़ा नहीं हैं, पुलिस के सामने हाजिर होंगे।
इधर सीएम चंपाई सोरेन ने कहा कि बीजेपी फूट डालो की नीति अपना रही है। भाजपा नेता सिर्फ कोरी अफवाह फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि झारखंड को जनता बताएं कि भाजपा सरकार ने राज्य का क्या विकास किया है। लोकसभा चुनाव में जनता भाजपा को किस आधार पर वोट दे।
भाजपा देश में लोकतंत्र समाप्त करना चाहती है। अफवाह फैला कर चुनाव जीतती है। वह झारखंड की पहचान और अस्तित्व खत्म करना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपनी जमीर और जमीन बचाने के लिए हर कार्यकर्ता को पूरी निष्ठा और शक्ति के साथ संगठन के लिए समर्पित होना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 अप्रैल को होनेवाली न्याय उलगुलान महारैली ऐतिहासिक होगी। इस रैली के जरिए देशवासियों को अपने देश को बचाने का एक बड़ा संदेश जाएगा।
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