नयी दिल्ली। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता खत्म करने की मांग की है। इसे लेकर उन्होंने विशेषाधिकार हनन नोटिस को लेकर उन्होंने एक संसदीय समिति के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है। बजट सत्र के पहले चरण में राहुल गांधी के भाषण के बाद निशिकांत दुबे ने सात फरवरी को उनके खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दिया था। भाषण में राहुल ने हिंडनबर्ग-अदाणी मुद्दे पर टिप्पणी की थी। समिति के समक्ष दुबे ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष द्वारा राहुल गांधी की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाए जाने के बावजूद अब भी यह उनके और कांग्रेस के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनलों पर उपलब्ध हैं। भाजपा सांसद सुनील सिंह इस समिति के अध्यक्ष हैं।
तीन नियमों के तहत कार्रवाई की मांग
दुबे के अनुसार न केवल एक बल्कि तीन प्रकार के विशेषाधिकार उन पर लागू होते हैं और वह आदतन ‘अपराधी’ हैं। इसलिए उनकी सदस्यता समाप्त कर दी जानी चाहिए। दुबे ने अपनी बात की पुष्टि के लिए दस्तावेज और रिपोर्ट भी पेश किए। इनके जरिए उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता के लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। व्यवसायी गौतम अदाणी के विभिन्न सौदे, जिनका राहुल गांधी ने उल्लेख किया था, कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान किए गए थे। दुबे ने राहुल गांधी की बर्खास्तगी की अपनी मांग के समर्थन में 1976 में सुब्रमण्यम स्वामी को राज्यसभा से निष्कासित किये जाने का हवाला दिया है।







