रांची के सदर अस्पताल की नई उपलब्धि, TEP विधि से ऑपरेशन शुरू

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रांची। रांची के सदर अस्पताल ने नई उपलब्धि हासिल कर ली है। यहां अब TEP पद्धति से आपरेशन होने लगे हैं।

सदर अस्पताल में पहली बार टीईपी ( TEP -Totally Extra Peritoneal ) विधि के द्वारा इंगुइनल हर्निया का ऑपरेशन किया गया।

इस विधि में बिना पेट के अंदर ग‌ए हुए, पेट की दीवार के परतों के बीच जगह बनाकर, हर्निया की थैली को छुड़ा कर उसे काट कर बांध देते है और फिर ‌‌प्रोलिन जाली बिछा दी जाती है।

यह पूरी प्रक्रिया तीन अत्यंत छोटे छेदों के‌ द्वारा पूरी की गई। अस्पताल के डॉक्टरों ने इस विधि काफी फायदेमंद बताया है।

उन्होंने कहा कि झारखंड के कम ही अस्पतालों में इस तकनीक से हार्निया का ऑपरेशन किया जाता है। डॉ अजित ने बताया कि यह एक बहुत ही अत्याधुनिक लैप्रोस्कोपिक सर्जरी मानी जाती है।

इस आपरेशन को करने के लिए हाई स्किल की जरूरत होती हैं। आम तौर पर निजी और कॉरपोरेट अस्पतालों में संपन्न मरीजों को ही यह सुविधा मिल पाती है।

अमूमन यह आपरेशन महंगा होता है। उन्होंने बताया कि कोकर रांची के रहने वाले जय किशुन यादव (46 वर्ष) लंबे समय से दाहिने तरफ के हर्निया से परेशान थे।

उनके पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं था। यहां उनका नि:शुल्क आपरेशन किया गया।

ऑपरेशन करनेवाले डॉक्टरों की टीम में लेप्रोस्कोपीक सर्जन – डॉक्टर अजीत कुमार, निशचेतक – डॉ दीपक , डॉ विकास वल्लभ, ओटी स्टाफ – सरिता, शशि, लखन, सुशील, मुकेश, पूनम आदि शामिल थे।

इसके अलावा इस ऑपरेशन में सिविल सर्जन एवं उपाधिक्षक का विशेष सहयोग रहा।

इस विधि के फायदे:

• रक्तस्राव नगण्य होता है।
• दर्द बहुत कम होती है।
• मरीज अपने दिनचर्या में बहुत जल्द (2-3 दिनों में ) वापस लौट जाते हैं।
• चीरा का कोई दाग नहीं रहता है।
• दोबारा हर्निया होने का खतरा ओपन‌ विधि से बहुत कम होता है।

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