Netarhat Vidyalaya: नेतरहाट विद्यालय की एडहॉक कमेटी का काम अधर में, प्राचार्य ने सरकार से मांगा मार्गदर्शन

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नेतरहाट। नेतरहाट आवासीय विद्यालय के संचालन को लेकर झारखंड हाईकोर्ट द्वारा गठित अंतरिम (एडहॉक) कमेटी के बावजूद विद्यालय का प्रशासनिक कामकाज अभी भी अधर में लटका हुआ है। एडहॉक कमेटी के सभापति प्रो. अशोक कुमार सिन्हा द्वारा भेजे गए ई-मेल के जवाब में विद्यालय के प्राचार्य ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासी विभाग से आवश्यक दिशा-निर्देश मांगे हैं। जब तक विभागीय मार्गदर्शन प्राप्त नहीं होता, तब तक किसी भी तरह की बैठक या आगे की कार्रवाई संभव नहीं है।

प्राचार्य ने अपने जवाब में कहा

प्राचार्य ने अपने जवाब में कहा है कि सरकार से निर्देश मिलते ही एडहॉक कमेटी की बैठक बुलाने या अन्य नियमानुकूल कार्रवाई के संबंध में सभी सदस्यों को विधिवत सूचना दी जाएगी। इससे साफ है कि फिलहाल विद्यालय से जुड़े अहम फैसले सरकार के निर्देश पर ही निर्भर रहेंगे।गौरतलब है कि नेतरहाट विद्यालय समिति का कार्यकाल पिछले वर्ष नवंबर में समाप्त हो गया था। नई समिति के गठन में हो रही देरी को लेकर विद्यालय के पूर्व छात्र केदार लाल दास ने झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 11 दिसंबर को एक अंतरिम एडहॉक कमेटी का गठन किया था और निर्देश दिया था कि नई स्थायी समिति बनने तक यही कमेटी विद्यालय का संचालन संभालेगी।

हाईकोर्ट ने इस एडहॉक कमेटी

हाईकोर्ट ने इस एडहॉक कमेटी को कुल 17 अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इनमें योग्य शिक्षकों की भर्ती, प्रवेश प्रक्रिया में सुधार, प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना और नेतरहाट विद्यालय के पुराने शैक्षणिक गौरव को बहाल करना शामिल है। पीआईएल में स्कूल की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर चिंता जताई गई थी और सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई थी।

हालांकि, अब विभागीय निर्देशों के अभाव में एडहॉक कमेटी की सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्पष्ट किया गया है कि स्थायी कार्यकारिणी समिति बनने के बाद ही अनुबंध पर नियुक्ति और नामांकन से जुड़े अंतिम निर्णय लिए जा सकेंगे, जिससे फिलहाल स्कूल की कई प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं।

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