रांची : जदयू के प्रदेश प्रवक्ता डॉ विनय भरत ने कहा है कि भाजपा की एलायंस एनडीए विपक्षी दलों की एकता से घबरा गई है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि विपक्षी दलों को एकजुट करने का काम बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में पटना से शुरू हुआ, उनके मुंबई में पहुंचते-पहुंचते एनडीए की टीम अलबला गयी है।
मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया जैसे नारे देने वाली भाजपा ये भी नहीं सोच पा रही कि यूसीसी पर अपनी राय देने के बाद और ‘एक राष्ट्र ,एक चुनाव” बहस कर लेने के बाद सरकार को युवाओं को दो करोड़ रोजगार देने का वादा पूरा करना चाहिए था।
कम से कम भारत बनाने के पहले वे इस पर अमल कर लें तो बेहतर होगा। भारत नाम को लाने की ईमानदार मंशा होगी तो इस विषय को पार्टी संसदीय प्रक्रिया में जरूर लाएगी। तब देखजा लाज़मी होगा कि इसमें 14 हज़ार करोड़ की जो लागत आयेगी उसे वह कैसे वहन करती है। गौरतलब हो कि यही भाजपा 19 साल पहले भारत के विरोध में थी, जब मुलायम सिंह यादव ने यूपी विधानसभा में यह प्रस्ताव रखा था।
उन्होंने कहा कि डिस्कोर्स को चेंज करके आप भारतीय युवाओं और वोटरों को भावनात्मक रूप से नहीं भटका सकते। नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने जन -जन तक जाकर मौजूदा केंद्र सरकार की “पोल खोल कार्यक्रम” को लेकर पंचायत स्तर तक ले जाने का निर्देश दिया है।
हम मुस्तैदी से बेलगाम महंगाई और बेतहाशा बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर जन-जन तक पहुंच रहे हैं और एनडीए के अपने अखाड़े पर आने को मजबूर कर रहे हैं। मसला ये नहीं कि विपक्ष भारत नाम पर विरोध दर्ज कर रहा है, दरअसल मसला यह कि सत्तासीन नीतीश जी के इंडिया के प्रयास से एनडीए घबरा गया है।








