Jharkhand mutation issue: झारखंड में ठप पड़ा म्यूटेशन और सीमांकन कार्य, तकनीकी गड़बड़ी से हजारों लोग परेशान

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Jharkhand mutation issue:

रांची। झारखंड में जमीन से जुड़ी प्रमुख सेवाएं म्यूटेशन (नामांतरण) और भूमि सीमांकन बीते एक सप्ताह से लगभग ठप पड़ी हैं। राज्यभर के अंचल कार्यालयों में झारबसुधा (Jharsudha) और झारम्यूटेशन (Jharmutation) पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों के कारण कामकाज प्रभावित है। दोनों पोर्टल हाल ही में झारनेट (Jharnet) नेटवर्क से जोड़े गए हैं, लेकिन कमजोर कनेक्टिविटी के चलते सेवाएं बाधित हैं।

अधिकारियों के अनुसार

अधिकारियों के अनुसार, कई अंचलों में सिर्फ 20 से 30 प्रतिशत काम ही हो पा रहा है, जबकि अधिकांश फाइलें और ऑनलाइन आवेदन अटके हुए हैं। इससे आम नागरिकों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। म्यूटेशन और सीमांकन कार्य रुकने से लंबित मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे जमीन से जुड़े विवादों और खरीद-बिक्री के मामलों में देरी हो रही है।

सरकार ने मांगी एनआईसी से मदद

राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के उप निदेशक ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) को पत्र लिखकर त्वरित समाधान की मांग की है। विभाग ने कहा है कि झारनेट के माध्यम से कनेक्टिविटी दी जा रही है, लेकिन सेवा की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। इसका असर सरकारी राजस्व संग्रह और नागरिक सेवाओं दोनों पर पड़ रहा है।

विभाग ने एनआईसी से आग्रह किया है कि 10 नवंबर तक नेटवर्क और सर्वर की समस्या दूर कर दी जाए ताकि सभी लंबित कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके।

रैयतों की बढ़ी परेशानी

तकनीकी गड़बड़ी से ग्रामीण और रैयत वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं। नामांतरण, सीमांकन और अपील जैसे कार्य ऑनलाइन होने के कारण पोर्टल बंद पड़ने से प्रक्रियाएं ठप हैं। विभाग ने उम्मीद जताई है कि कनेक्टिविटी में सुधार के बाद जल्द ही पोर्टल सामान्य रूप से काम करने लगेंगे और नागरिकों को राहत मिलेगी।

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