लोकतंत्र में आंदोलन जनता का अधिकार : दीपक प्रकाश

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रांची : 11 अप्रैल को प्रदेश भाजपा की ओर से आयोजित सचिवालय घेराव कार्यक्रम ने हेमंत सरकार की दमनकारी सोच को पूरी तरह उजागर कर दिया है। यह सरकार अपने खिलाफ आंदोलन करनेवालों के साथ आतंकवादियों और देशद्रोहियों जैसा व्यवहार करती है। अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने केलिए यह सरकार अत्याचारी बन गई है। इसलिए लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे नेताओं पर यह सरकार संगीन अपराध की धाराएं लगाती है और आनन-फानन में नोटिस भेज कर पूछताछ के लिए थाना बुलाती है।

हेमंत सरकार के ऐसे कृत्यों पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा मुकदमों से नही डरती। भाजपा जन भावनाओं के अनुरूप सदन से सड़क तक राज्य सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा ठगबंधन की वादा खिलाफी को उजागर करने के लिए संकल्पित है। श्री प्रकाश ने कहा कि उनके साथ भाजपा विधायक सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, समरी लाल और सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक 22 अप्रैल को धुर्वा थाना में पूछताछ के लिए हाजिर होंगे और सारे सवालों का संवैधानिक रूप से जवाब भी देंगे।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पद और शासन का दुरुपयोग करते हुए अपने नाम खान खनिज का आवंटन नहीं कराया है और न किसी आदिवासी की जमीन हड़पी है फिर डर कैसा? उन्होंने कहा कि भाजपा ने तो घोषणा करके डंके की चोट पर लूट, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण के खिलाफ आवाज बुलंद की। जो एक सशक्त और जागरूक प्रतिपक्ष के नाते पार्टी का धर्म है।

भाजपा झारखंड को लुटते और बर्बाद होते नही देख सकती। उन्होंने कहा कि संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत सभी भाजपा नेता  पूछताछ का जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता यह समझ रही है की जनता की समस्याओं पर आवाज उठाने वालों के खिलाफ हेमंत सरकार कैसा अलोकतांत्रिक व्यवहार कर रही है।

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