नियोजन नीति के खिलाफ झारखंड बंद, सड़कों पर उतरे छात्र संगठन, 1500 से ज्यादा पुलिस के जवान तैनात

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रांची : झारखंड में नियोजन नीति के विरोध में झारखंड यूथ एसोसिएशन की ओर से बुलाये गये झारखंड बंद का रांची में मिला-जुला असर दिख रहा है।  एसोसिएशन की ओर से 10 और 11 जून को ‘झारखंड बंद’ का आह्वान किया गया है। नामकुम थाना क्षेत्र के रामपुर के पास बंद समर्थकों ने शनिवार को सड़क पर टायर जलाया। हालांकि जैसी ही पुलिस को सूचना मिली, पुलिस वहां पहुंचे गयी। इसके बाद बंद समर्थक भाग निकले।

बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने ऐहतियातन जगह-जगह पर पुलिस के जवानों को तैनात किया है। रांची में 1,500 पुलिस के जवान तैनात किए गये हैं। बंद समर्थकों पर नजर रखने के लिए मुख्यमंत्री आवास, मोरहाबादी मैदान और उसके आसपास के इलाके में दो दर्जन से अधिक अलग से सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं।  

इसके अलावा दो ड्रोन कैमरा भी रखा गया है। झारखंड बंद के दौरान ड्रोन कैमरे से बंद समर्थकों की गतिविधियों की निगरानी की जायेगी। इधर, रांची एसएसपी ने कंट्रोल रूम में तैनात पुलिसकर्मियों को बंद की पूरी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। एसएसपी कौशल किशोर ने कहा है कि झारखंड बंद के दौरान अशांति फैलाने वाल लोगों को कतई बक्शा नहीं जायेगा।

एक तरफ सरकार इसके माध्यम से नियुक्ति की तैयारी में है तो दूसरी तरफ छात्रों के बीच 60-40 आधारित नीति को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। इस नियोजन नीति का यूथ एसोसिएशन के साथ-साथ कई छात्र संगठन भी विरोध कर रहे हैं। इनमें झारखंड उलगुलान मार्च, पंचपरगना फाइटर, आदिवासी छात्र संघ, आमया और आदिवासी मूलवासी संगठन भी शामिल है।

छात्र विरोध कर रहे हैं कि 60 प्रतिशत सीटों पर नियुक्तियां झारखंड के आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों की होंगी। वहीं 40 प्रतिशत सीटें ‘ओपन टू ऑल’ है। 40 प्रतिशत सीटों पर किसी भी राज्य के युवा झारखंड में रोजगार पा सकते हैं। छात्र इसी का विरोध कर रहे हैं। वहीं नेताओं से भी नियोजन नीति के विरोध में अपना समर्थन मांगा गया है।

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