श्वेता प्रियदर्शी
नई दिल्ली। संसद का मॉनसून सत्र गुरुवार से शुरू हो गया है। यह 11 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सरकार ने लोकसभा में 31 विधेयकों को पेश करने के लिए सूचीबद्ध किया है। इनमें एक अहम विधेयक दिल्ली सरकार से जुड़ा है। यह एक अहम बिल है, जिसमें दिल्ली विधानसभा और उपराज्यपाल की शक्तियों और जिम्मेदारियों में संशोधन शामिल है। बता दें कि नये संसद भवन में पहला सत्र संचालित हो रहा है। सत्र के पहले दिन शोक सभा का आयोजन हुआ।
हर बार की तरह इस बार भी सत्र हंगामेदार होने की उम्मीद है। मणिपुर हिंसा, दिल्ली अध्यादेश बिल जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरेगा। वहीं, केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि सरकार नियमों के तहत इन मुद्दों पर चर्चा करने की इच्छुक है, इसलिए इस बार 31 बिलों को सूचीबद्ध किया गया है।
साथ ही, उन्होंने विपक्ष के एकजुटान पर तंज कसते हुए इसे नई बोतल में पुरानी शराब बताया। बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने एक दिन पहले ही सवाल उठाया था। पूछा था कि क्या मोदी सरकार मणिपुर की भयावह त्रासदी पर चर्चा की मंजूरी देगी? क्या पीएम मोदी इस पर चुप्पी तोड तोड़ेंगे? इस मुद्दे पर सिर्फ डिबेट ही काफी नहीं है।
ये बिल होंगे पेश
पेश होनेवाले 31 बिलों में प्रोविजनल कलेक्शन ऑफ टैक्सेज बिल, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड एंड बैंक बिल, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल, पोस्टल सर्विसेज बिल, जन विश्वास बिल, ड्रग्स, मेडिकल डिवाइसेज एंड कॉस्मेटिक्स बिल, प्राचीन स्मारक, पुरातात्विक स्थल और अवशेष बिल, डीएनए टेक्नोलॉजी रेगुलेशन बिल आदि शामिल हैं।







