रांची : कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने गुरुवार को रांची में आयोजित संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि बीजेपी की अगर 10 साल की कहानी लिखी जाये तो ये अन्याय से शुरू होकर अन्याय पर खत्म होगी।
आम आदमी का जीना हुआ मुश्किल
गुलाम अहमद मीर ने आगे कहा कि इस तानाशाही सरकार ने अन्याय और अत्याचार की सारी सीमाएं लांघ कर एक ऐसी क्रूर और निर्मम व्यवस्था को जन्म दिया है, जहां देश का गरीब स्वाभिमान के साथ दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करने को मजबूर है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में न सिर्फ आम इंसान का जीवन मुश्किल कर दिया, बल्कि लोकतंत्र का गला भी घोंट दिया। एक तरफ बेतहाशा बेरोजगारी युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कमरतोड़ महंगाई से गरीबों और मध्यम वर्ग का जीवन बेहद मुश्किल हो गया है। किसानों को उनकी मेहनत का मोल नहीं मिल रहा, तो वहीं मजदूर अपना खून पसीना जलाकर भी परिवार का पेट नहीं भर पा रहे हैं।
लोकतांत्रिक व्यवस्था खतरे में
मीर ने कहा कि कुछ चुनिंदा धनकुबेर सारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपने फायदे के लिए कठपुतली की तरह नचा रहे हैं। दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और गरीबों के साथ भेदभाव व अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने पर सरकारी एजेंसियों द्वारा लोगों डराया-धमकाया जाता है। संसद में सवाल पूछने पर निलंबित कर दिया जाता है। गुलाम अहमद मीर ने कहा कि देश में ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि मोदी सरकार नहीं चाहती कि देश की जनता उनका सच जाने।
उनसे जरूरी मुद्दों पर सवाल पूछे। लेकिन अब जनता जाग चुकी है औऱ अपने अधिकारों की बात कर रही है। इसका स्पष्ट प्रमाण आगामी लोकसभा चुनाव में मिलेगा।
मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश ठाकुर, कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता ज्योति सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष गीता कोड़ा, बन्धु तिर्की, जलेश्वर महतो, शहजादा अनवर, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, मंत्री-बन्ना गुप्ता औऱ बादल पत्रलेख उपस्थित थे।
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