अब तक बेच चुका है 500 से अधिक हथियार
गुमला। बसिया थाना क्षेत्र के पंथा गांव में पुलिस ने मिनी गन फैक्ट्री पकड़ी है। वहां से बड़ी संख्या में देसी कट्टा बनाने का सामान बरामद हुआ है। पुलिस ने इस मामले में राजेंद्र लोहरा को गिरफ्तार किया है।
24 वर्षीय राजेंद्र दोनों पैरों से दिव्यांग है। उसने अपने घर में ही गन फैक्ट्री खोल रखी थी। अब तक वह 500 से अधिक हथियार उग्रवादियों और अपराधियों को बेच चुका है।
एसडीपीओ नजीर अख्तर व थाना प्रभारी युधिष्ठिर ने बताया कि 30 अक्टूबर को गश्ती के दौरान पुलिस को पता चला था कि राजेंद्र अपने घर में मिनी गन फैक्ट्री चला रहा है। इसके बाद वहां छापेमारी की गई।
दिव्यांग है आरोपी, घर में खोल रखी थी फैक्ट्रीः
पुलिस ने बताया कि राजेंद्र काफी शातिर व्यक्ति है। उसने बताया कि वह पिछले 10 साल से घर में देसी कट्टा बना रहा है। एक समय जब बसिया और आसपास का इलाका पीएलएफआई उग्रवादियों का गढ़ हुआ करता था, तब उसने काफी हथियार बेचे थे।
ये सामान बरामद:
- 44 सेमी की लोहे की छह पाइप
- 26 सेमी की स्टील की नौ पाइप
- 15 सेमी की लोहे की चार पाइप
- 70 सेमी की लकड़ी का बट 70 सेमी का लोहे का बैरल
- एक अर्धनिर्मित देसी कट्टा
- लोहा कटिंग मशीन, हथौड़ा, स्प्रिंग और आरी आदि।
14 साल की उम्र से बना रहा है देसी कट्टा:
राजेंद्र ने बताया कि उसने अपने चाचा सुरेंद्र लोहरा से देसी कट्टा बनाना सीखा। वह 14 साल की उम्र से ही हथियार बनाकर बेच रहा है।
एक देसी कट्टा बेचने पर उसे तीन से पांच हजार रु. का मुनाफा होता है। इसे खूंटी, तोरपा, कामडारा, सिमडेगा, कोलेबिरा आदि में बेचा जाता है।
एसडीपीओ ने कहा कि उसने किन-किन लोगों को हथियार बेचा है, इसका पता लगाया जा रहा है।
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