रांची। पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप को मंगलवार को जेल भेज दिया गया। एनआईए को मिली आठ दिनों की हिरासत अवधि खत्म हो गई। जिसके बाद उसे एनआईए कोर्ट में पेश किया गया।
पेशी के बाद सुनवाई हुई। जहां के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। आठ दिनों की पूछताछ के दौरान दिनेश गोप ने कई खुलासे किए हैं। वहीं वहीं उसकी निशानदेही पर गुमला, खूंटी और सिमडेगा से भारी मात्रा में गोली और बारूद भी बरामद किया गया है।
22 मई को एनआईए ने लिया था रिमांड पर
एनआईए की विशेष अदालत में टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप को कड़ी सुरक्षा के बीच 22 मई को पेश किया गया।
पेशी के बाद जांच अधिकारी ने दिनेश गोप से पूछताछ करने के लिए 14 दिनों की रिमांड पर देने का आग्रह करते हुए आवेदन दाखिल किया गया था।
दिनेश गोप के वकील सौरभ कुमार पांडेय एवं राजेश कुमार सिन्हा ने एनआईए के रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के आवेदन का विरोध किया था। जिसके बाद एनआईए कोर्ट ने दिनेश गोप को आठ दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ की अनुमति दी। आरोपी दिनेश गोप को डालसा की ओर रिमांड वकील उपलब्ध कराया गया था।
21 मई को नेपाल से हुई थी गिरफ्तारी
पीएलएफआई सुप्रीमों दिनेश गोप को नेपाल से गिरफ्तार किया था। उसे 21 मई को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी एनआईए और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद हुई। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रांची लायी। जिसके बाद सोमवार को एनआईए की अदालत में पेश किया गया।








