जमशेदपुर : झारखंड के जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल के पीआइसीयू वार्ड में डॉ कमलेश उरांव से मारपीट के विरोध में गुरुवार को तीसरे दिन भी डॉक्टरों की हड़ताल जारी रही। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आइएमए का जमशेदपुर चैप्टर भी डॉक्टरों का समर्थन कर रहा है। मामले को लेकर आइएमए के सचिव डॉ सौरभ चौधरी ने कहा है कि जब तक आरोपियों को जेल नहीं भेजा जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
इधर, डॉक्टरों की हड़ताल के कारण तीन दिनों में 3000 से अधिक मरीज बिना इलाज कराये लौट गये हैं। पीजी समेत अन्य डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने के कारण मेडिसीन, ऑर्थों और सर्जरी ओपीडी पूरी तरह बंद रहा। इएनटी, गायनी और चाइल्ड डिपार्टमेंट चालू था जिसे बाद में बंद करा दिया गया। मामले को लेकर झारखंड स्टेट हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन तथा आइएमए ने फैसला किया था कि एमजीएम सहित सभी सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में 21 सितंबर को दोपहर 12 बजे तक डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। हालांकि इमरजेंसी सेवा जारी रहेगी।
पर यदि अगले 24 घंटे में दोषी व्यक्तियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो 22 सितंबर से सुबह छह बजे से राज्य भर के सभी सरकारी और गैर सरकारी डॉक्टर हड़ताल करेंगे। मामले को लेकर आइएमए, रिम्स के जूनियर डॉक्टरों और झासा ने मांग की है कि दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी हो और उन्हें दंड दिया जाए। सभी मेडिकल कॉलेजों में प्रतिनियुक्त अधिकारियों को हटाया जाए।
पहले की तरह मेडिकल कॉलेज की देखरेख का अधिकार डायरेक्टर और अधीक्षक के जिम्मे हो। गौरतलब है कि एजीएम के पीआइसीयू वार्ड में ड्यूटी कर रहे डॉ कमलेश उरांव के साथ सोमवार को मारपीट को अंजाम दिया गया था। आरोप है कि पांच साल की बच्ची की मौत से आक्रोशित परिजनों ने चिकित्सक के कक्ष में घुसकर उनपर हमला कर दिया। इस डॉक्टर कमलेश चोटिल हो गए थे। उसके बाद से एमजीएम के डॉक्टर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं।






