रांची : कोल इंडिया लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक डॉ अरुण उरांव इन दिनों ओडिशा के दौरे पर हैं। यहां शुक्रवार को सीआइएल के अन्य स्वतंत्र निदेशकों के साथ उन्होंने महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड के तालचर स्थित भुवनेश्वरी और लिंगराज ओपन कास्ट प्रोजेक्ट का भ्रमण किया।
यहां उन्होंने साइलो के माध्यम से कोयले को आधुनिक और कंप्यूटराइज्ड तरीके से रेलवे वैगन में लोड करने की प्रक्रिया देखी। यहां का कामकाज देखने और आंकड़ों पर गौर करने के बाद उन्होंने कहा कि देश में एमसीएल कोयले का सबसे ज्यादा उत्पादन और डिस्पैच कर रही है।
यहां जिस तरीके से कोयला उत्पादन किया जा रहा है वह अनुकरणीय है। गौरतलब है कि श्री उरांव ने गुरूवार को ओडिशा के आंगुल में स्वागत के बाद तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड का दौरा किया था।यहां प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में टीएफएल के साथ देश के पहले कोल गैसीफिकेशन प्लांट के निर्माण के लिए ज्वाइंट वेंचर किया गया है
।इसके बाद उन्होंने तालचर स्थित 500 बेड वाले महानदी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज तथा रिसर्च कैंपस में पौधारोपण किया। एमसीएल ने इस संस्थान के निर्माण के लिए सीएसआर के तहत 300 करोड़ से ज्यादा की राशि का सहयोग दिया है। बुधवार को ही वे कोल इंडिया लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशकों की टीम के साथ भुवनेश्वर पहुंचे थे।






