Maiya Samman Yojana:फर्जी दस्तावेज पर लिया गया मंईयां योजना का लाभ, प. बंगाल के यूसुफ और सुफनी ने किया फर्जीवाडा [Benefit of Maiya scheme was taken on the basis of fake documents, Yusuf and Sufni of West Bengal committed fraud ]

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Maiya Samman Yojana:

बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले में मइंया सम्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पश्चिम बंगाल के यूसुफ और सुफनी खातून ने स्थानीय दलालों की मदद से फर्जी नाम से आवेदन किया। उन्होंने झारखण्ड सरकार से पैसे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। मामले की जांच में खुलासा हुआ कि ऐसे एक नहीं, बल्कि करीब 20 से ज्यादा मामले हैं। जबकि इस पचमो पंचायत में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है, लेकिन यहां से 20 से ज्यादा मुस्लिम महिलाओं के आवेदन आये।

Maiya Samman Yojana: गोमिया थाना में प्राथमिकी दर्जः

27 मई 2025 को गोमिया थाने में एफआईआर दर्ज की गई। जांच में पता चला कि यूसुफ ने 13 और सुफनी ने 7 फर्जी नामों से आवेदन किया था। इस घोटाले के बाद सरकारी योजनाओं में ‘लाभ जिहाद’ के खेल की आशंका जताई जा रही है और विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

Maiya Samman Yojana: फर्जी कागजात जमा कर राशि लीः

जांच में ये बात सामने आई कि पश्चिम बंगाल के रहने वाले यूसुफ और सुफनी खातून ने फर्जी तरीके से इस योजना का लाभ उठाया। उन्होंने स्थानीय दलालों और बिचौलियों की मदद ली। उन्होंने फर्जी कागजात जमा किए और झारखण्ड सरकार से पैसे अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए।

बोकारो के तत्कालीन उपायुक्त विजया जाघव ने इस मामले की जांच के आदेश दिए थे। गोमिया प्रखंड के सामाजिक सुरक्षा प्रभारी सुभाष चन्द्र ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनकी शिकायत पर गोमिया थाना में 27 मई 2025 को कांड संख्या 46/25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

Maiya Samman Yojana: यूसुफ ने 13 और सुफनी ने 7 फर्जी नामों से किया आवेदनः

गोमिया के बीडीओ महादेव कुमार के अनुसार यूसुफ नाम के व्यक्ति ने 13 फर्जी नामों से आवेदन किया था। वहीं, सुफनी खातून नाम की महिला ने 7 फर्जी नामों से आवेदन किया था। दोनों ने गोमिया प्रखंड के अलग-अलग पंचायतों से आवेदन किया था।

जांच में पता चला कि यूसुफ के मइंया सम्मान योजना के पैसे इंडसइंड बैंक के खाता में ट्रांसफर होते थे। वहीं सुफनी खातून के पैसे इसी बैंक के खाता में ट्रांसफर होते थे।

Maiya Samman Yojana: फर्जी राशन कार्ड का किया इस्तेमालः

इन दोनों व्यक्तियों ने फर्जी राशन कार्ड का इस्तेमाल किया था। राशन कार्ड की जांच करने पर पता चला कि फर्जीवाड़े के लिए जन सुविधा केंद्र का उपयोग किया गया था। यह जन सुविधा केंद्र पलामू के कुमार रवि के नाम पर पंजीकृत है।

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