मंईयां सम्मान यात्राः कल्पना सोरेन का चैलेंज- योजना को रोक कर दिखाईए [Mainiyan Samman Yatra: Kalpana Soren’s challenge – stop the plan]

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गढ़वा। गढ़वा के बंशीधर नगर से हेमंत सरकार की मंईयां सम्मान यात्रा की शुरुआत की गई है। इस दौरान गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने मंच से सभा को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि मैं जब पहली बार गढ़वा आई थी तब हेमंत जी जेल में थे। आज मैं यहां आई हूं तब हेमंत जी आपके भाई बनकर, आपका बेटा बनकर झारखंड का यशस्वी मुख्यमंत्री बनकर हमारे हर एक लोगों को मजबूती देने का काम कर रहे हैं।

सबको ताकत देने का काम कर रहे हैं। जेल से आने के बाद तुरंत ही इस योजना की शुरुआत हुई।

हमारे विरोधी लोग कहते हैं कि चुनाव का समय आ गया है इसलिए ये लोग योजनाओं की शुरू कर दिये हैं।

ऐसी योजनाएं मध्यप्रदेश में शुरु होती है, ओड़िशा में शुरू होती है, महाराष्ट्र में शुरु होती है तो वो संवैधानिक हो जाता है। लेकिन जहां भाजपा की सरकार नहीं है वहां का एक आदिवासी मुख्यमंत्री अपनी योजना से बेटी, दीदी, बहनों को मजबूत करने का काम करता है तो वह असंवैधानिक हो जाता है।

कोर्ट में पीआईएल हो जाता है। अब आपको सबक सिखाना है। जो इस योजना पर पीआईएल दाखिल किया जो हमारी दीदियों के विरोध में काम करते हैं, हमारे बेटियों के विरोध में काम करते हैं, बुजुर्गों के विरोध में काम करता है तो चुनाव के लिए अब आप तैयार रहिएगा, ऐसे बिचौलिये सब आएंग जो एक तरफ से पीआईएल करेंगे और दूसरी तरफ से आपका वोट मांगेगे।

इस बार भी सरकार बनेगी तो हेमंत सोरेन की

थोड़ा सा अपने हाथों को हृदय में लगाकर सोचिएगा कि जिस व्यक्ति ने इस झारखंड को उसकी गरीमा लौटाने के काम किया है। जिसने अपने बड़ों को पेंशन देने का काम किया है, जिस मुख्यमंत्री ने बच्चों को सावित्री बाई फुले योजना से जोड़ने का काम किया है, जिस मुख्यमंत्री ने आपका बिजली बिल माफ कराया है, जिस मुख्यमंत्री ने किसान भाईयों का कर्ज माफ कराया है, जिस मुख्यमंत्री ने अबुआ आवास देने का काम किया है, जिस मुख्यमंत्री ने अपने झारखंडी बच्चों को विदेश में पढ़ने का मौका दिया है, जिस मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन योजना से हमारे भाईयों को जोड़ा है उस मुख्यमंत्री को आगे देखना है कि नहीं है।

यहां योजनाओं की यहां भरमार है। इसका लाभ किसी व्यक्ति विशेष को नहीं मिल रहा है। ये यहां के मूलवासियों को मिल रहा है। आपको अपना आशीर्वाद देना है उसी मुख्यमंत्री को देना है जो ऐसी योजनाओं की गंगा बहा दे रहे हैं।

झारखंड माटी का पुत्र झारखंड की बेटियों के लिए, झारखंड को रोटी देने के लिए हमेशा से प्रतिबद्ध है। कुछ लोगों को ये सुहाता नहीं है कि हमारा झारखंड आगे बढ़े।

हमारा खनिज हम भारत सरकार को देते हैं। हम अपना बकाया मांगते हैं तो इनको तकलीफ हो जाती है। झारखंड के मुख्यमंत्री को जेल में डालते हैं। तो अब झारखंड की जनता तैयारी है।

झारखंड को अगर बचाना है तो आपको अपने हेमंत दादा के साथ खड़े होना है। इस बार जवाब देना है। चाहे इस बार कुछ भी हो जाए झारखंड में अगर सरकार बनेगी तो किसकी बनेगी।

बीजेपी बाने नहीं चाहते हैं कि आपके खाते में पैसा आए

ये वही हेमंत सोरेन है जिनको पांच महीने जेल में डाला था। इस योजना की शुरुआत हेमंत सोरेन ने पहले ही कर ली थी। आज आपको दूसरा किस्त मिल रहा है।

आज आपको 7वां किस्त मिल रहा होता। लेकिन बीजेपी वालों की वजह से ये योजना रूक गया। बीजेपी वालों ने हेमंत सोरेन को जेल में नहीं डाला बल्कि कल्याणकारी योजनाओं को जेल में डाल दिया।

बीजेपी वाले नहीं चाहते हैं कि हमारी माताओं बहनों के खाते में हजार टका आए। जैसे ही हमने मंईयां सम्मान योजना के पहली किस्त दी वैसे ही बीजेपी के कुछ लोगों ने पीआईएल कर दिया।

योजनाएं रोक सकते हैं तो रोक कर दिखाइए

मैं आपसे पूछना चाहती हूं कि आप इस योजना से खुश है या नहीं। अगर आप खुश है तो उनको दिखा देना है जवाब उन लोगों को जो हिमाकत करते हैं हमारी बहनों की योजनाओं पर पीआईएल करने का।

हमारी बहनों की योजनाओं पर पीआईएल दाखिल किया गया है। हम चेतावनी दे देना चाहते हैं कि झारखंड की जितनी भी योजनाए हैं, चाहे वह दीदियों के लिए हो, बेटियों के लिए हो, भाई-दादा के लिए हो ये योजनाएं ऐसी ही चलने वाली है।

आप रोक सकते हैं तो रोक कर दिखाईए। क्योंकि मुझे पता है कि हमारे झारखंड की बहनें, झारखंड के भाई पूरे जोश के साथ लड़ रहे हैं हेमंत जी को हमारा मुख्यमंत्री बनाने के लिए।

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