Mahashivratri fast food list
रांची। महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है, जिसे भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भक्ति, संयम और आत्मशुद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लाखों श्रद्धालु व्रत रखकर भोलेनाथ की आराधना करते हैं। हालांकि, कई लोगों के मन में यह सवाल रहताहै कि व्रत के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। सही जानकारी के अभाव में कई बार लोग अनजाने में व्रत के नियमों का उल्लंघन कर देते हैं। यहां जानिए महाशिवरात्रि व्रत 2026 की पूरी फूड गाइड।
महाशिवरात्रि 2026 कब है?
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी 2026, रविवार को शाम 5:04 बजे से शुरू होगी और 16 फरवरी, सोमवार को शाम 5:34 बजे तक रहेगी। चूंकि चतुर्दशी तिथि रात्रि में पड़ रही है, इसलिए महाशिवरात्रि का व्रत और पूजन 15 फरवरी को ही किया जाएगा।
महाशिवरात्रि व्रत का महत्व
महाशिवरात्रि का व्रत तपस्या, आत्मसंयम और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक है। मान्यता है कि इस दिन उपवास रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में शांति व संतुलन आता है। कुछ श्रद्धालु निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि कई लोग फलाहार या सात्विक आहार ग्रहण करते हैं। व्रत का उद्देश्य शरीर को कष्ट देना नहीं, बल्कि मन और इंद्रियों पर नियंत्रण रखना है।
व्रत में क्या खा सकते हैं?
- फल और सूखे मेवे
सेब, केला, पपीता, अंगूर, अनार जैसे फल खा सकते हैं। किशमिश, बादाम, काजू और अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स भी ऊर्जा देने के लिए उपयुक्त हैं।
- दूध और दुग्ध उत्पाद
दूध, दही, छाछ, मक्खन और पनीर का सेवन किया जा सकता है। दूध से बनी खीर, शेक या लस्सी भी अच्छे विकल्प हैं।
- व्रत वाला आटा
सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा और राजगीरा (अमरंथ) का आटा व्रत में मान्य है। इनसे पूरी, पराठा या चीला बनाया जा सकता है।
- साबूदाना
साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा या खीर व्रत के दौरान लोकप्रिय और ऊर्जा देने वाले भोजन हैं।
- सेंधा नमक
व्रत में साधारण नमक की जगह केवल सेंधा नमक (रॉक सॉल्ट) का ही उपयोग करें।
व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?
- चावल, गेहूं, मक्का, जौ और सभी प्रकार की दालें
- टेबल सॉल्ट या आयोडीन नमक
- प्याज और लहसुन (तामसिक भोजन)
- मांस, मछली, अंडा और शराब
- पैकेज्ड, प्रोसेस्ड और जंक फूड
व्रत के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
- पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी या दूध लें।
- ज्यादा तला-भुना भोजन न करें।
- बीमार, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग अपनी सेहत के अनुसार व्रत रखें।
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
महाशिवरात्रि व्रत 2026 आस्था और संतुलन का पर्व है। सात्विक और सही आहार अपनाकर आप व्रत का पालन भी कर सकते हैं और अपनी सेहत का भी ध्यान रख सकते हैं। याद रखें, भगवान शिव सच्ची भक्ति से प्रसन्न होते हैं, केवल भूखे रहने से नहीं।

















