LPG Cylinder Delivery Issue: बुकिंग और डिलिवरी मैसेज के बावजूद नहीं मिल रहा सिलिंडर, 10 हजार से ज्यादा उपभोक्ता परेशान

Juli Gupta
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LPG Cylinder Delivery Issue:

रांची। रांची में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के अधीन संचालित मुक्ति गैस एजेंसी के उपभोक्ता इन दिनों भारी परेशानी झेल रहे हैं। एजेंसी ने बिना किसी पूर्व सूचना के 2 जनवरी से एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति बंद कर दी है। इसके साथ ही पुरानी रांची स्थित कार्यालय और हरमू चापू टोली स्थित गोदाम पर ताला लटका हुआ है। इस अचानक फैसले से एजेंसी से जुड़े करीब 10,500 कंज्यूमर असमंजस में हैं और घरेलू गैस नहीं मिलने से परेशान हैं।

क्या है समस्या?

सबसे बड़ी समस्या यह है कि उपभोक्ता मोबाइल के जरिए गैस बुकिंग कर पा रहे हैं। बुकिंग के बाद डीएसी नंबर भी आ रहा है और 3-4 दिनों में डिलिवरी का मैसेज भी मिल रहा है, लेकिन हकीकत में सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो रही। इससे उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रोजाना सैकड़ों लोग गैस के लिए एजेंसी कार्यालय और गोदाम के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन दोनों ही जगह ताले लगे हुए हैं।

कार्यालय और गोदाम के बाहर चिपकाए गए मोबाइल नंबर भी अधिकतर बंद रहते हैं या कॉल रिसीव नहीं किया जाता। कंज्यूमर अपने डिलिवरी मैन से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। इससे लोगों को मजबूरन बाहर से महंगे दाम पर गैस खरीदने या वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

मुक्ति गैस एजेंसी के संचालक ने क्या बताया

मुक्ति गैस एजेंसी के संचालक अमरजीत कच्छप उर्फ बापी ने बताया कि गोदाम शिफ्टिंग के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि इंडियन ऑयल से अनुरोध किया गया है कि फिलहाल उपभोक्ताओं को दूसरी एजेंसियों से गैस की आपूर्ति कराई जाए। जयंत और झलक गैस एजेंसी को अस्थायी रूप से यह जिम्मेदारी दी गई है और दो-तीन दिनों में लंबित बुकिंग की डिलिवरी कराई जाएगी। गोदाम शिफ्टिंग में लगभग एक महीने का समय लग सकता है।

करीब 30 वर्षों से संचालित मुक्ति गैस एजेंसी रांची की सबसे पुरानी एलपीजी एजेंसियों में शामिल है। इसके अंतर्गत हरमू, किशोरगंज, आनंद नगर, विद्या नगर, पहाड़ी मंदिर, पुरानी रांची, गाड़ीखाना चौक, मधुकम और कुम्हार टोली जैसे इलाके आते हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले से ही होम डिलिवरी को लेकर शिकायतें थीं, लेकिन अब बिना सूचना एजेंसी बंद होना चिंता का विषय बन गया है।

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