रांची। लोकसभा चुनाव में नक्सल प्रभावी जिलों में जमीन से ही नहीं, आसमान से भी निगरानी होगी।
इस बार वायुसेना के दक्ष पायलट नक्सल प्रभावी जिलों में उड़ान भरेंगे। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर की ट्रायल लैंडिंग भी मनोहरपुर में की गई। दिन के 11:43 बजे वायुसेना का हेलीकॉप्टर आया।
यहां महज दो मिनट हेलीकॉप्टर रुका। उसके बाद वापस रांची के लिए रवाना हो गया। इसे लेकर हेलीपैड के आसपास जिला पुलिस और सीआरपीएफ के द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
इस मौके पर मनोहरपुर थाना प्रभारी धनंजय बैठा के अलावा सीआरपीएफ के अधिकारी और जवान आदि मौजूद थे।
इससे पहले इसी हेलीकॉप्टर ने नोवामुंडी प्रखंड के करमपदा और मनोहरपुर प्रखंड के रोआम में भी ट्रायल लैंडिंग की।
उन जगहों पर भी जिला पुलिस और सीआरपीएफ के द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
राज्य के पांच जिलों में कुल 42 हेलीपैड बनाए गए हैं। इनमें लोहरदगा, गुमला, पश्चिम सिंहभूम, लातेहार और हजारीबाग जिला शामिल हैं।
इन हेलीपैड से कुल 381 पोलिंग पार्टियों को बूथों पर ले जाया जाएगा। इसके लिए हेलीकॉप्टरों को 63 बार उड़ान भरनी होगी।
वहीं अकेले मनोहरपुर प्रखंड में मनोहरपुर के नंदपुर, जराईकेला, दीघा, रोआम और छोटानागरा के अलावे चक्रधरपुर, आराहसा,चाईबासा, गुवा, हाथीबुरु अंजेडबेदा , कुचाई के पास में हेलीपैड बनाए गए हैं।
अति नक्सल प्रभावित सारंडा, पोड़ाहाट और कोल्हान के सुदूरवर्ती इलाके में लोकसभा चुनाव के दौरान विधि – व्यवस्था, सुरक्षा और पोलिंग पार्टी को नजदीकी मतदान केंद्रों तक ले जाने और वापस लाने के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जायेगा।
साथ ही क्षेत्र में आसमान से भी चुनावी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
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