रांची। आजकल लोगों के बीच डाइटिंग का एक नया तरीका काफी पॉपुलर हो रहा है, जिसे इंटरमिटेंट फास्टिंग कहते हैं।
बॉलीवुड एक्ट्रेस से लेकर कई जानी-मानी हस्तियों ने इस फास्टिंग के जरिये अपना वजन घटाया है।
कॉमेडियन भारती सिंह ने इंटरमिटेंट फास्टिंग से अपना वजन कम किया था। उस वक्त वजन घटाने का यह तरीका काफी पॉपुलर हुआ था।
इंटरमिटेंट फास्टिंग में आपको अपने खाने और फास्टिंग को कुछ घंटों में बांटना होता है। आइये, आज जानते हैं कि आखिर क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग और ये कितने तरह की होती है।
यदि कोई इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरू करना चाहता है, तो किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।
क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग ?
इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान आप एक खास टाइम विंडो में अपना भोजन लेते हैं। इसमें कुछ घंटे आप खाने-पीने के लिए रखते हैं और दिन के बाकी घंटे आप फास्टिंग करते हैं, यानी बिना खाये रहते हैं।
आपको कुछ दिनों तक तय समय पर ही भोजन करना होता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग कई तरह से की जाती है और इसके कई अलग-अलग टाइप हैं।
कितने टाइप की होती है इंटरमिटेंट फास्टिंग ?
16/8 फास्टिंग : इसमें आप पूरे दिन के 24 घंटों को बांट लेते हैं, जिसमें आप 16 घंटे बिना खाये रहते हैं और दिन के 8 घंटे में अपने सारे मील जैसे नाश्ता, लंच या डिनर लेते हैं। आप इन 8 घंटों में ही कुछ खा सकते हैं, बाकी 16 घंटे बिना खाये रहना है।
14/10 फास्टिंग : इसमें आप 14 घंटे बिना खाये रहते हैं और 10 घंटे में आपको सारे अपने मील लेने हैं। जैसे यदि आप दिन का पहला भोजन नाश्ता सुबह 9 बजे लेते हैं, तो आपको 7 बजे अपना आखिरी मील यानी डिनर तक लेना चाहिए। इसके बाद कुछ नहीं खायें।
5/2 फास्टिंग : इस फास्टिंग में आपको कुछ चीजें ऐसी हैं, जो कई दिन खानी हैं और कई दिन नहीं खानी हैं। इसमें आपको 5 दिन अपना नॉर्मल खाना खाना है और बाकी 2 दिन आपको लो कैलोरी फूड लेना है, जिसमें आप दिन में 500 से 600 कैलोरी लेते हैं।
6/1 फास्टिंग : इसमें आप पूरे 6 दिन नॉर्मल खाना खाते हैं और एक दिन यानी पूरे 24 घंटे आप पानी या लिक्विड डाइट के अलावा कुछ और नहीं खा सकते हैं।
1/1 (Alternate) फास्टिंग : इसमें आप एक दिन नॉर्मल खाना खाते हैं और एक दिन आप लो कैलोरी फूड लेते हैं, जिसमें आप 500 से 800 कैलोरी पूरे दिन में लेते हैं।
विशेष बात, जो ध्यान देने योग्य हैः
आप अपने शरीर और जरूरत के हिसाब से इनमें से कोई भी फास्टिंग का तरीका अपना सकते हैं। हालांकि, आपको ध्यान देने की जरूरत है कि हर किसी को इंटरमिटेंट फास्टिंग नहीं करनी चाहिए।
इस तरह की फास्टिंग करने से पहले आपको डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लेनी चाहिए। यदि आपको कोई बीमारी या हेल्थ से जुड़ी समस्या है, तो आपकी बीमारी को देख कर ही फास्टिंग प्लान और डाइट तैयार की जाती है।
इसलिए डॉक्टर और डाइटिशियन के गाइडेंस में ही आपको इंटरमिटेंट फास्टिंग करनी चाहिए।
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