हजारीबाग : पद्मश्री बुलु इमाम के पुत्र जस्टिन इमाम का शुक्रवार रात 3 बजे हार्ट अटैक से निधन हो गया। जस्टिन हजारीबाग के विरासत ट्रस्ट के सचिव थे। उन्हें शनिवार को हजारीबाग कब्रिस्तान में दफनाया जायेगा। आर्ट सोहराय कला को नयी पहचान दिलाने वाले जस्टिन इमाम एक बेहद सरल स्वाभाव के इंसान थे।
उनके निधन के बाद शोक जतानेवालों का तांता लगा है। उनके निधन पर जस्टिन के भाई गुस्ताव इमाम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। मेरे प्यारे भाई जस्टिन इमाम हम सब को सुबह तीन बजे छोड़ कर चले गये। उसके सारे दोस्त उससे प्यार करते हैं और वे हमेशा हमारे साथ रहेंगे।
जस्टिन की पत्नी अलका इमाम ने भी अपने शौहर के निधन पर शौक जताया है। जस्टिन इमाम और अलका इमाम की शादी साल 1998 में हुई थी और तब से ही दोनों ने झारखंड की ‘सोहराई’ और खोवर’ कला को संरक्षित करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
इस कला के प्रति अपने समर्पण के कारण, उन्होंने हज़ारीबाग के 10 से अधिक गांवों को चित्रित गांव की श्रेणी में बदल दिया है। सभी ‘सोहराई’ और खोवर’ कला आम तौर पर ग्रामीणों द्वारा बनाई जाती है।
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