JPSC Result Dispute
रांची। 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर Jharkhand High Court में सुनवाई हुई। अदालत ने मामले में चयनित 342 सफल अभ्यर्थियों को प्रतिवादी (पक्षकार) बनाने और उन्हें नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
क्या है मामला?
याचिकाकर्ताओं ने विज्ञापन संख्या 01/2024 के तहत आयोजित 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों पर आपत्ति जताई है। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। कोर्ट ने अंतरिम आवेदन स्वीकार करते हुए कहा कि चयनित सभी 342 अभ्यर्थियों को पक्षकार बनाना आवश्यक है, ताकि अंतिम आदेश सभी पर समान रूप से लागू हो सके।
याचिकाकर्ताओं के प्रमुख आरोप
- डिजिटल मूल्यांकन: दलील दी गई कि मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन कराया गया, जबकि न तो नियमावली में और न ही विज्ञापन में इसका प्रावधान है।
- अयोग्य मूल्यांकनकर्ता: आरोप है कि नियमों के अनुसार कम से कम 10 वर्ष के अनुभव वाले विशेषज्ञ शिक्षकों से मूल्यांकन होना चाहिए था, लेकिन कम अनुभव वाले संविदा/गेस्ट फैकल्टी शिक्षकों को भी शामिल किया गया।
- नियमावली का उल्लंघन: इन कथित खामियों के आधार पर परिणाम रद्द कर पुनर्मूल्यांकन की मांग की गई है।
राज्य सरकार और आयोग का पक्ष
राज्य सरकार और Jharkhand Public Service Commission की ओर से कोर्ट को बताया गया कि चयनित सभी 342 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं और वे प्रशिक्षण पर भेजे जा चुके हैं।
कोर्ट का निर्देश
अदालत ने स्पष्ट किया कि संबंधित विभागों के प्रमुख दो सप्ताह के भीतर 342 सफल अभ्यर्थियों को प्रतिवादी बनाते हुए नोटिस जारी करें। अगली सुनवाई में सभी पक्षों को सुना जाएगा।

