कट सकता है कुणाल षाड़ंगी का पत्ता
रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा आगामी लोकसभा चुनाव में किसी बाहरी को टिकट नहीं देने जा रहा है। पार्टी ने पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के निर्देश का पालन का निर्णय लिया है।
इस संबंध में झामुमो महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी हेमंत सोरेन के निर्देश के अनुरूप किसी बाहरी को टिकट नहीं देगी।
सिर्फ योग्य उम्मीदवारों को ही टिकट दिया जायेगा। बता दें कि इंडिया गठबंधन का प्रमुख घटक जेएमएम ने अभी तक अपने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान नहीं किया है।
दूसरी सहयोगी कांग्रेस ने लोहरदगा से सुखदेव भगत, खूंटी से कालीचरण मुंडा और हजारीबाग से जेपी पटेल को उम्मीदवार बनाया है।
हालांकि अभी तक जेएमएम ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। पार्टी की ओर से केवल इतना ही कहा गया है कि कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद ही झामुमो अपने प्रत्याशियों का ऐलान करेगी।
झामुमो प्रदेश में राजमहल, दुमका, गिरिडीह, जमशेदपुर और सिंहभूम से उम्मीदवार उतार सकती है।
इस बीच जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विशेष रूप से मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को संदेश भेजा है कि वे टिकट केवल उन कार्यकर्ताओं को दें जो लंबे समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं और जनता की सेवा कर रहे हैं।
हेमंत सोरेन ने साफ-साफ कहा है कि किसी भी बाहर से लाए गए नेता को टिकट न दिया जाए। दरअसल, जमशेदपुर में बीजेपी से एक नेता को लाकर टिकट देने की चर्चा है।
हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बात सामने आने के बाद स्थानीय जेएमएम नेता विरोध कर रहे हैं।
कहा जा रहा है कि जब यह बात हेमंत सोरेन तक पहुची तो उन्होंने साफ-साफ संदेश दे दिया कि टिकट केवल समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया जाए, बाहर से लाए गए नेताओं को नहीं।
इससे लग रहा है कि कुणाल षाड़ंगी का टिकट कट सकता है। जानकारी के अनुसार, जेएमएम 6 या 7 अप्रैल को अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर सकता है।
अब तक की जानकारी के मुताबिक राजमहल से विजय हांसदा को उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
दुमका से स्टीफन मरांडी या नलिन सोरेन, गिरिडीह से मथुरा महतो, सिंहभूम से दशरथ गगराई उम्मीदवार हो सकते हैं।
जमशेदपुर से पार्टी के केंद्रीय समिति के सदस्य सुनील महतो, सविता महतो की बेटी स्नेहा महतो और आस्तिक महतो के नाम चर्चा में हैं।
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