JMM का अल्टीमेट- 16 जनवरी से साहेबगंज और पाकुड़ से रोकेंगे माल ढुलाई

Anjali Kumari
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JMM ultimatum

रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अब केंद्र से आरपार की लड़ाई की ठान ली है। झारखंड सरकार के गठबंधन में शामिल मुख्य राजनीतिक दल झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अब केंद्र सरकार को सीधा अल्टीमेटम दे दिया है। पार्टी ने कहा है कि 16 जनवरी 2026 से पाकुड़ और साहिबगंज से सभी प्रकार की खनन सामग्री और माल ढुलाई रोक दी जायेगी। जेएमएम के प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने मीडिया के सामने यह अल्टीमेटम दिया। साथ ही उन्होंने भाजपा और राजमहल के पूर्व विधायक अनंत ओझा पर कई गंभीर आरोप लगाए और रेलवे को चेतावनी भी दी। पंकज मिश्रा ने कहा कि साहेबगंज के विकास के लिए उनकी लड़ाई लगातार जारी रहेगी और कोई उन्हें रोक नहीं सकता।

जेल भेजने की साजिश की आशंका

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा उनके खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों को लगा सकती है और उन्हें जेल भेजने की साजिश कर सकती है, लेकिन वे अपने मकसद से पीछे नहीं हटेंगे। पंकज मिश्रा ने राजमहल के पूर्व विधायक अनंत ओझा पर आरोप लगाया कि 2014 से लगातार 10 साल तक विधायक रहने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि साहेबगंज के पश्चिम फाटक पर पहले अंडरपास बनाने की बात हुई, फिर ओवरब्रिज की योजना आई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब जब सारी प्रक्रिया पूरी कर टेंडर तक पहुंचा दिया गया है, तब पूर्व विधायक ने झारखंड एजी और रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर पटेल चौक से पुल नहीं बनाने की मांग कर रहे हैं।

आरओबी की टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की मांग

इस मुद्दे को लेकर पंकज मिश्रा ने रेलवे को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर 15 जनवरी तक साहेबगंज के रेलवे पूर्वी और पश्चिम फाटक पर आरओबी की टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तो 16 जनवरी से साहेबगंज और पाकुड़ से माल ढुलाई रोक दी जाएगी।
पंकज मिश्रा ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों राजमहल सांसद विजय कुमार हांसदा और राजमहल विधायक ताजउद्दीन उर्फ एमटी राजा ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री से मिलकर गंगा नदी पर पुल बनाने की मांग की। इसके बावजूद कुछ लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि जब तक उनका विधायक नहीं बनेगा, तब तक गंगा पुल नहीं बनेगा।

सांसद को अपमानित करने का आरोप

पंकज मिश्रा ने कहा कि अनंत ओझा ने केवल साहेबगंज की जनता को नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि अपने ही सांसद को अपमानित करवा दिया। जब प्रधानमंत्री ने गंगा पुल का शिलान्यास किया, तब साहेबगंज में जनता ने गोड्डा सांसद का अभिनंदन करने के लिए कार्यक्रम रखा, लेकिन अनंत ओझा के लोगों ने उस कार्यक्रम में उपस्थित होकर सांसद को अपमानित करने का काम किया था। इसी कारण पुल का काम दो साल तक रुका रहा।

उन्होंने कहा कि यह केवल गंगा पुल तक सीमित नहीं है, बल्कि साहेबगंज के विकास के कई अन्य मुद्दों पर भी पूर्व विधायक ने बाधा डाली। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जागरूक रहें और विकास के लिए आवाज उठाएं।

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