नीट मामले की सीबीआई जांच की मांग की झामुमो ने, सुप्रियो का दावा- मोदी सरकार में 41 बार हुआ पेपर लीक [JMM demands CBI inquiry into NEET case, Supriyo claims – paper leaked 41 times in Modi government]

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रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने नीट मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

उन्होंने सीबीआई के साथ ही ईडी जांच की मांग की है। वह शुक्रवार को रांची में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि “देश में लोकसभा का परिणाम निकला और नीट का रिजल्ट भी निकला। फिर अचानक मालूम चला कि रांची के एक परीक्षार्थी को 720 में 720 नंबर मिला।

हमारे लिए यह गर्व का विषय था। लेकिन कुछ ही देर बाद 720 और 719 का जो फीगर सामने आया तो पूरा देश दंग रह गया।

3 भाजपा शासित राज्यों में पुलिस ने नीट के पेपर लीक प्रकरण में कई लोगों को गिरफ्तार किया।

एक कुचक्र जो मेधावी छात्रों का भविष्य का बेड़ा गर्क कर रहा था उस पर किसी का ध्यान नहीं था।

23 लाख बच्चोंकी मेहनत पर पानी फिरा है। उनके साथ केंद्र सरकार ने कितना बड़ा भ्रष्टाचार किया है।

सेंसेक्स में भी हुआ घोटाला

सुप्रियो ने कहा कि बीजेपी का पहला भ्रष्टाचार 4 तारीख को ही सामने आया। जब सेंसेक्स लुढ़का 30 लाख करोड़ का घाटा हुआ।

नीट का जब रिजल्ट निकला। उसमें कितने लाख का भ्रष्टाचार हुआ इसका पता लगाना बाकी है।

सरकार गठन के बाद जब यह मामला केंद्र के पास आया तो एचआरडी के मिनिस्टर धमेंद्र प्रधान ने कहा कहीं कोई भष्टाचार नहीं हुआ।

लेकिन उन्हीं के शासित राज्यों की पुलिस ने कहा कि पेपर लीक हुआ है, लोग पकड़े गये है। एक एक पेपर 30 लाख से 1 करोड़ में बेचा गया।

सभी लोगों का लिंक कहीं ना कहीं गुजरात या राजस्थान से जुड़ा हुआ है। कोई भी स्टेट के बाहर के लोग नहीं है। कौन देगा जवाब,

एनटीए ने कहा हमने ग्रेस मार्क्स दिया था। क्यों दिया था। जब ग्रेस मार्क्स दिया था और अब कहते हैं, मैं विद्ड्रा करता हूं।

अब उनको पूरा परीक्षा देना होगा। क्या ये उनके साथ भद्दा मजाक नहीं है कि आप उसको चने की झाड़ पर चढ़ा दिया।

जो बच्चे सुप्रीम कोर्ट गये केवल उन्हीं का विद्ड्र किया गया। एक तरफ बोल रहे हैं कि काउंसिलिंग भी चलाएंगे।

ये कौन सा मजाक चल रहा है। क्या इससे समाज में गुणवत्ता वाले डॉक्टर आ पाएंगे। भविष्य को हम किसके हवाले कर रहे हैं।

क्यों लेते हैं इतने बच्चों की परीक्षा

सुप्रियों ने कहा कि जब आपके पास इंफ्रास्टक्टर नहीं है, तो आप क्यों लेते हैं इतने बच्चों का इग्जाम।

मोदी के शासन में 41 बार पेपरलीक हुआ। उसमें 17 बार यूपी में हुआ। एमपी में हुआ। गुजरात में हुआ। उत्तारखंड में हुआ।

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