संकट में झारखंड की शराब दुकानें, कभी भी हो सकती हैं बंद, जानिये वजह [Jharkhand’s liquor shops are in trouble, they can be closed anytime, know the reason]

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रांची। रांची में एक्साइज कमिश्नर के रिटायरमेंट के बाद, नए कमिश्नर की नियुक्ति न होने से एक्साइज विभाग के काम प्रभावित हो रहे हैं। बकाए बिल के भुगतान न होने से मैनपावर और सिक्योरिटी गार्ड की कंपनियों को परेशानी हो रही है। कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिल पा रही जिससे उनकी स्थिति दयनीय हो गई है।

एक्साइज कमिश्नर के 31 दिसम्बर को रिटायरमेंट के बाद अब तक सरकार की ओर से नए कमिश्नर के पद को भरा नहीं किया गया है। जिसकी वजह से एक्साइज डिपार्टमेंट में काम प्रभावित हो रहे हैं।

दबी जुबान से अधिकारी भी यह कह रहे हैं कि बिना कमिश्नर के किसी भी फाइल को आगे बढ़ाने में समस्या हो रही है। बिल का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है।

मैनपावर सप्लाई करने वाली कंपनी को सबसे ज्यादा परेशानीः

खासकर खुदरा शराब दुकान में मैनपॉवर सप्लाई करने वाली कंपनी और सिक्योरिटी गार्ड प्रदान करने वाली कंपनियों को इससे सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। क्योंकि सितंबर महीने के बाद से उनके बकाए का भुगतान नहीं हो पाया है।

वहीं कंपनियों की ओर से बिल के भुगतान नहीं होने की वजह से उनके अंडर में काम करने वाले कर्मियों को भी वेतन नहीं मिल रहा है। जिससे उनकी स्थिति खराब हो गई है।

एक्साइज कमिश्नर क बिना किसी भी बिल का भुगतान मुश्किलः

मैनपॉवर कंपनी का लगभग 10 करोड रुपए बकाया हो गया है। राज्य में 7 मैनपॉवर कंपनियां खुदरा शराब दुकान का संचालन कर रही हैं। जिसमें लगभग 4500 कर्मचारी काम कर रहे हैं। बकाया बिल के भुगतान नहीं होने की वजह से उनकी सैलरी भी रुकी हुई है। जिससे उनके सामने भुखमरी की स्थिति आ गई है।

1427 शराब की दुकानों के सुरक्षाकर्मियों का वेतन बकाया

एक्साइज कमिश्नर के किसी भी बिल का भुगतान मुश्किल है। वही राज्य में 1427 शराब की खुदरा दुकानें हैं। जिसमें सुरक्षा गार्ड भी तैनात किए गए हैं। ऐसे में जिन कंपनियों की ओर से सुरक्षा गार्ड मुहैया कराए गए हैं। उनका भी लगभग 10 करोड रुपए का बकाया है। जिसकी वजह से सिक्योरिटी गार्ड की भी सैलरी रुकी हुई हैं।

ऐसे में एक्साइज कमिश्नर का पद खाली रहने की वजह से विभागीय कार्य में बाधा तो आ ही रही है। साथ ही मैनपॉवर कंपनी और सिक्योरिटी गार्ड मुहैया कराने वाली कंपनी के भुगतान पर भी रोक लग गई है।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने भी जताई थी आपत्तिः

पिछले दिनों उत्पाद विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बैठक की थी। जिसमें मैनपॉवर कंपनी के बकाए को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी। ऐसे में मैनपॉवर और सिक्योरिटी गार्ड मुहैया कराने वाली कंपनियों का कहना है कि बकाया का भुगतान नहीं होने की वजह से दुकान में रहने वाले कर्मचारी का वेतन भुगतान नहीं हो रहा है।

इस वजह से कर्मचारी पैसों की हेरा फेरी कर रहे हैं और मैनपॉवर कंपनियों पर आरोप लग रहे हैं। यही वजह है कि मैनपॉवर कंपनियों और सिक्योरिटी गार्ड मुहैया करने वाले कंपनियों का सरकार के प्रति बकाया बढ़ता जा रहा है।

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