अवैध लेनदेन में धराया झारखंड का बड़ा आईटी अफसर, 3 कारोबारी भी हिरासत में [Big IT officer of Jharkhand caught in illegal transactions, 3 businessmen also detained]

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रांची। सीबीआई ने झारखंड में बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई धनबाद में की गई है। 10 लाख रुपए के लेनदेन में आयकर विभाग के बड़े अधिकारी को हिरासत में लिया है।

इसके बाद धनबाद में छापेमारी कर आउटसोर्सिंग कंपनी के संचालक गुरुपाल सिंह, धनबाद क्लब के सचिव डॉ प्रणय पूर्वे और विपिन प्रिंटिंग प्रेस के अशोक चौरसिया सहित एक अन्य को हिरासत में लिया है।

सरायढेला की शांति कॉलोनी में भी छापेमारी कर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। सभी से मटकुरिया स्थित गुरुपाल सिंह के आवास पर पूछताछ की जा रही है। टीम में दिल्ली, पटना और रांची के सीबीआई अधिकारी शामिल हैं।

गुरुपाल ने आयकर अधिकारी को भेजे थे पैसे

जानकारी के मुताबिक गुरुपाल सिंह की कंपनी का नाम जीटीएस है, जो कोयले की आउटसोर्सिंग के साथ ट्रांसपोर्टिंग का काम करती है।

अब सीबीआई जांच करने में जुटी है कि गुरुपाल का संबंध संबंधित संदिग्ध आयकर अधिकारी से क्यों और किस मकसद से था।

कहा जा रहा है गुरुपाल सिंह के खिलाफ आयकर विभाग टैक्स चोरी मामले की आंतरिक तफ्तीश कर रहा है। बताया जाता है कि इसी मामले को लेकर पैसे के लेनदेन की बात सामने छन कर आ रही है।

सीबीआई ने ऐसे किया खुलासा

टैक्स चोरी से जुड़े धनबाद के एक मामले में 10 लाख के अवैध लेनदेन की भनक सीबीआई को लगी थी।

सीबीआई को सूचना मिली थी कि धनबाद से एक व्यक्ति 10 लाख रुपए लेकर पटना पहुंचा है। वहां इस रकम को एक मध्यस्थ के माध्यम से संबंधित आयकर अधिकारी तक पहुंचाना था।

इसके बाद आनन फानन में सीबीआई ने टीम गठित की। धनबाद से पहुंचे व्यक्ति और पैसे के रिसीवर को सीबीआई ने रंगेहाथ पकड़ लिया। इन दोनों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह रकम एक बड़े आयकर अधिकारी तक पहुंचनी थी।

गिरफ्तारी रांची या धनबाद में, खुलासा नही

धनबाद आयकर विभाग के कुछ कर्मचारियों के मुताबिक आयकर विभाग के बड़े अधिकारी को हिरासत में लिए जाने को लेकर स्थान स्पष्ट नहीं है।

कोई धनबाद तो कोई रांची में हिरासत में लिए जाने की बात कह रहा है। कर्मचारियों के मुताबिक उक्त आयकर अधिकारी शनिवार को धनबाद में थे, इसके बाद वह यहां से चले गए थे।

अधिकारी व गुरुपाल के संबंधों की जांच

गुरुपाल सिंह की कंपनी का नाम जीटीएस है, जो कोयले की आउटसोर्सिंग के साथ ट्रांसपोर्टिंग का काम करती है।

अब सीबीआई जांच करने में जुटी है कि गुरुपाल का संबंध संबंधित संदिग्ध आयकर अधिकारी से क्यों और किस मकसद से था।

कहा जा रहा है गुरुपाल सिंह के खिलाफ आयकर विभाग करवंचना मामले की आंतरिक तफ्तीश कर रहा है। बताया जाता है कि इसी मामले को लेकर पैसे के लेनदेन की बात सामने छन कर आ रही है।

करवंचना से जुड़े मामले में कड़ी से कड़ी जोड़कर सीबीआई धनबाद पहुंच गई। सूचना थी कि धनबाद से एक व्यक्ति 10 लाख रुपए लेकर पटना पहुंचा है।

वहां इस रकम को एक मध्यस्थ के माध्यम से संबंधित आयकर अधिकारी तक पहुंचाना था। इसके बाद आनन-फानन में सीबीआई ने टीम गठित की। धनबाद से पहुंचे व्यक्ति और पैसे के रिसीवर को सीबीआई ने रंगेहाथ पकड़ लिया।

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