Jharkhand Winter Session
रांची। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत शुक्रवार को हुई, जिसमें पहले ही दिन सरकार ने पिछले मॉनसून सत्र में दिए गए आश्वासनों पर आधारित Action Taken Report (ATR) सदन के पटल पर रखी। संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि इस ATR में कुल चार आश्वासन शामिल हैं, जिन पर संबंधित विभागों ने अपनी कार्यवाही रिपोर्ट विधानसभा सचिवालय को भेज दी है। इन विभागों में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के दो और गृह कारा, आपदा प्रबंधन तथा राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के एक-एक मामले शामिल थे।
700 अस्थायी शिक्षक सेवा में, नियमित नियुक्ति प्रक्रिया जारी:
सत्र के दौरान विधायक प्रदीप यादव के सवाल पर सरकार ने जानकारी दी कि राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अभी लगभग 700 अस्थायी शिक्षक कार्यरत हैं। इन पदों पर नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए विश्वविद्यालयों द्वारा भेजी गई अधियाचना जेपीएससी (JPSC) को भेजी जा चुकी है, जिसमें रिक्तियों के आधार पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़नी है।
समायोजन नहीं लेकिन अनुभव आधारित वेटेज मिलेगा:
अस्थायी शिक्षकों के समायोजन के मुद्दे पर सरकार ने स्पष्ट किया कि सीधे समायोजन की संभावना नहीं है, क्योंकि यह सेवा नियमों के अनुरूप नहीं है। हालांकि, सरकार ने ऐसे शिक्षकों को राहत देने के लिए उनके अनुभव के आधार पर प्रति वर्ष एक अंक के वेटेज का प्रावधान करने की घोषणा की है। यह वेटेज अधिकतम पांच अंक तक दिया जाएगा, जिससे चयन प्रक्रिया में उनका प्रतिस्पर्धात्मक लाभ बढ़ेगा।
उम्र सीमा में छूट पर भी विचार:
सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि उम्र सीमा के कारण कई अस्थायी शिक्षक आवेदन करने से वंचित हो सकते हैं। ऐसे मामलों में सरकार ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यकता पड़ने पर उम्र सीमा में छूट देने का संकेत दिया है। निर्णय के बाद इसकी सूचना जेपीएससी को भेज दी जाएगी।शीतकालीन सत्र के पहले दिन प्रस्तुत ATR और अस्थायी शिक्षकों के मुद्दे पर सरकार के रुख ने राज्य में उच्च शिक्षा से जुड़े हजारों शिक्षकों और अभ्यर्थियों को नई उम्मीद दी है।







