रील्स बना झारखंड सरकार से पायें लाखों, जानिये कैसे? [Make reels and get lakhs from Jharkhand government, know how?]

3 Min Read

Jharkhand Tourism:

रांची। झारखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सोशल मीडिया के माध्यम से रील बनाकर प्रचार-प्रसार करने वाले सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

पहली बार झारखंड सरकार इस दिशा में नीतिगत पहल करने जा रही है। पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग सोशल मीडिया नीति बना रहा है। झारखंड में विभाग की ओर से तीन श्रेणी में पर्यटन स्थल के रूप में 500 से अधिक प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थल सूचीबद्ध हैं।

कई रोमांचक और आकर्षक स्थल हैं, जिनका रील के माध्यम से सोशल मीडिया मंच पर प्रचार-प्रसार करने से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।

Jharkhand Tourism: पर्व-त्योहार भी प्रमोट किये जायेंगेः

झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने के लिए प्रमुख त्योहारों सरहुल, सोहराई, करमा, रामनवमी, दिवाली को प्रमोट किया जा सकता है। झारखंड के ऐतिहासिक स्थलों देवघर, पारसनाथ, रजरप्पा, लुगु बुरु, मलूटी मंदिर और मैक्लुस्कीगंज आदि को प्रमोट किया जा सकता है।

झारखंड की आदिवासी संस्कृति को प्रमोट करने के लिए यहां के आदिवासी समुदायों की जीवन शैली, उनके रीति-रिवाज और उनके पारंपरिक उत्सवों को रील से दर्शाया जा सकता है।

Jharkhand Tourism: कुछ शर्तें भी होंगीः

रील पर कॉपीराइट नहीं होगा, सरकार उपयोग कर सकेगी, सरकार द्वारा रील के प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग किए जाने पर निर्माता को श्रेय दिया जाएगा।

अलग-अलग पर्यटन स्थलों के रील बनाने होंगे, नया और प्रभावी कंटेंट देना होगा, गलत कंटेंट, वीडियो, फोटो पर भी सरकार प्रभावी नियंत्रण और कार्रवाई करेगी।

Jharkhand Tourism: कई सुविधाएं देगी सरकारः

  • जेटीडीसी के होटलों में दो दिन ठहरना नि:शुल्क होगा।
  • आवागमन के लिए साधन भी सरकार की ओर से उपलब्ध हो सकेगा।
  • झारखंड इको टूरिज्म प्राधिकरण को संचालित करने पर वन विभाग से बेहतर समन्वय और ज्वाइंट फॉरेस्ट कमेटी को सक्रिय किया जाएगा।

Jharkhand Tourism: रील में दिखेंगे 528 पर्यटन स्थलः

झारखंड में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की ओर से तीन श्रेणी में पर्यटन स्थल के रूप में 528 से अधिक प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थल सूचीबद्ध हैं।

श्रेणी ए में 37 पर्यटन स्थल हैं, इनमें मुख्य रूप से देवघर में वैद्यनाथ धाम, त्रिकुट पहाड़, रिखिया धाम, साहिबगंज में उधवा पक्षी विहार, दुमका में बासुकीनाथ धाम, मलूटी मंदिर समेत कई है। श्रेणी बी में 57, सी में 112 और डी में 322 पर्यटन स्थल सूचीबद्ध हैं।

इसे भी पढ़ें

पर्यटन स्थलों पर बढ़ाई गई सुरक्षा, नए साल पर लोगों को नहीं होगी कोई परेशानी 

Share This Article
Exit mobile version