अंतू तिर्की और सुप्रियो भट्टाचार्य के व्हाट्सएप चैट से गरमाई झारखंड की राजनीति, बीजेपी ने बोला हमला

3 Min Read

रांची। जमीन घोटाले में फंसे अंतू तिर्की और झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य के बीच हुई व्हाट्सएप चैट ने झारखंड की राजनीति को गर्म कर दिया है।

ट्रांसफर पोस्टर से संबंधित इस चैटिंग को लेकर भाजपा ने इंडिया गठबंधन पर हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा का हाथ जमीन दलालों के साथ है।

उन्होंने कहा कि पीएमएलए कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों ने स्पष्ट कर दिया है कि झामुमो नेता अंतु तिर्की, सद्दाम हुसैन, अफसर अली समेत तमाम लोगों ने यह स्वीकार किया है कि हेमंत सोरेन की 8.86 एकड़ जमीन का फर्जी कागजात उन्हीं लोगों ने तैयार किया था।

प्रतुल ने कहा कि इन अभियुक्तों ने यह भी स्वीकार किया है कि वे ट्रांसफर पोस्टिंग और जमीन के फर्जीवाड़ा का बहुत बड़ा रैकेट चलाते हैं।

प्रतुल ने कहा कि जमीन लूट घोटाला अरबों रुपए का हो सकता है। झारखंड की ऐसी स्थिति हो गई है कि मानो हर शाख पर भ्रष्टाचार बैठा है, अंजामें झारखंड क्या होगा?

प्रतुल ने आरोप लगाया कि झामुमो के महासचिव सुप्रिया भट्टाचार्य और अंतू तिर्की के बीच के व्हाट्सएप चैट से बहुत चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

इस चैट से स्पष्ट है कि अंतु तिर्की जो जमीन के गोरखधंधे में लिप्त था, वह सुप्रियो भट्टाचार्य से डीसीएलआर, खूंटी के पद पर कार्यरत प्रवीण मुंडा की पोस्टिंग रांची में जिला लैंड एक्विजिशन अफसर के रूप में कराने की पैरवी कर रहा था।

दलालों को यह भी पता था की फाइल सीएम हाउस तक पहुंच गई है। प्रतुल ने कहा कि सीएम हाउस के भीतर की बातें कैसे लीक हो गई और सुप्रियो भट्टाचार्य ने अंतु तिर्की के द्वारा इस बात को बताने पर एफआईआर क्यों नहीं किया?

क्या यह ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट एवं गोपनीयता का उल्लंघन नहीं है? प्रतुल ने कहा कि दस्तावेजों से स्पष्ट है कि कमीशन लेकर अंतू तिर्की अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग कराता था।

प्रतुल ने कहा कि जमीन के गोरख धंधे से जुड़े दलाल तक फाइल की जानकारी पहुंचना बताता है कि या तो सीएमओ की भी इसमें मिलीभगत थी या फिर इन दलालों की सीएमओ तक पहुंच थी।

प्रतुल ने कहा कि सुप्रियो भट्टाचार्य ने गलत बयानी करके हेमंत सोरेन का कई बार बचाव किया। नवीनतम बचाव था, जब हेमंत सोरेन के दिल्ली वाले घर से 36 लाख रुपए बरामद किए गए थे।

उस समय सुप्रियो ने कहा था कि यह पैसा ईडी ने प्लांट किया है। बाद में हेमंत ने हाईकोर्ट में अपनी याचिका में स्पष्ट किया कि पैसा उन्हें पार्टी फंड से माता-पिता के इलाज के लिए मिला था।प्रतुल ने कहा कि अब सुप्रियो भट्टाचार्य को गलत बयानी छोड़कर सच्चाई बतानी चाहिए।

इसे भी पढ़ें

अमित शाह से जुड़े फर्जी वीडियो की जांच के लिए झारखंड आएगी दिल्ली पुलिस

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं