न ब्लूटूथ, न इंटरनेट, मशीनें पूरी तरह सुरक्षित: मुख्य चुनाव आयुक्त [No Bluetooth, no internet, machines are completely safe: Chief Election Commissioner]

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रांची। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार झारखंड दौरे पर हैं। वे सबसे पहले रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर में पूजा-अर्चना की और हवन किया। इसके बाद, सीसीएल गेस्ट हाउस में आयोजित ‘एक्सपीरियंस शेयरिंग कार्यक्रम’ में 2024 के लोकसभा विधानसभा चुनावों में शामिल रहे वॉलंटियर्स से संवाद किया।

वॉलंटियर्स ने अपने अनुभव साझा किए, जिन पर आयुक्त ने गंभीर चर्चा करते हुए उनकी सराहना की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ज्ञानेश कुमार ने कहा कि ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) की सुरक्षा को लेकर दृढ़ता से बयान दिया है कि भारत में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित और हैक-प्रूफ हैं।

यह बयान अमेरिकी खुफिया विभाग की पूर्व निदेशक तुलसी गबार्ड और कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला द्वारा उठाए गए सवालों के बाद आया है। इसी कड़ी में, झारखंड दौरे पर मौजूद मुख्य चुनाव आयुक्त ने शनिवार को रामगढ़ जिले में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा कि झारखंड की देवभूमि पर लोकतांत्रिक उत्साह देखकर गर्व होता है। वॉलंटियर्स के साथ बातचीत से पता चलता है कि यहां लोकतंत्र की नींव मजबूत है। उन्होंने नागरिकों से 18 वर्ष की आयु पूरी होते ही मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का आग्रह भी किया।

साथ ही, उन्होंने बताया कि झारखंड में निर्वाचन से जुड़ी कोई लंबित अपील नहीं है, और आयोग की प्राथमिकता है कि “हर मतदाता को सही सूचना और सुरक्षित मतदान का अधिकार मिले।”

Election Commissioner: ईवीएम पर जोरदार बचाव

ईवीएम की विश्वसनीयता पर जोर देते हुए कुमार ने कहा कि भारतीय ईवीएम इंटरनेट, ब्लूटूथ या इंफ्रारेड से कनेक्ट नहीं होतीं, इसलिए इन्हें हैक करना असंभव है। उन्होंने वीवीपैट सिस्टम का उल्लेख करते हुए बताया, “अब तक 5 करोड़ से अधिक वीवीपैट स्लिप्स की जांच में ईवीएम और स्लिप्स के बीच कोई अंतर नहीं मिला।” उन्होंने दोहराया कि भारत निर्वाचन आयोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

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