प्रथम चरण के मतदान के लिए निर्वाचन आयोग तैयार [Election Commission ready for first phase of voting]

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वोटिंग से पहले जान लें क्या है गाइडलाइन

रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण की 43 सीटों पर प्रचार थम चुका है। अब चुनाव आयोग मतदान की अंतिम तैयारियों में जुटा है। प्रथम चरण के चुनाव में कुल 1.37 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे।

इनमें पुरुष मतदाता 68.73 लाख और महिला मतदाताओं की संख्या 68.36 लाख है। थर्ड जेंडर के मतदाताओं की संख्या 303 है। 85 वर्ष से अधिक के मतदाताओं की संख्या 63,601 है जबकि दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 1.91 लाख है। वहीं 18-19 साल के मतदाताओं की संख्या 6.51 लाख है।

683 प्रत्याशी चुनाव मैदान मेः

मुख्य चुनाव आयुक्त के रविकुमार ने बताया कि प्रथम चरण में कुल 43 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इसमें 17 सीट सामान्य, 20 अनुसूजित जनजाति और 6 सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इन 43 सीटों से 683 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 609 पुरुष, 73 महिला और एक प्रत्याशी थर्ड जेंडर के हैं।

15,344 बूथों पर होगा मतदानः

प्रथम चरण के चुनाव के लिए कुल 15,344 मतदान केंद्र बनाये गये हैं। इसमें 12,716 बूथ ग्रामीण और 2,628 बूथ शहरी क्षेत्र में स्थित हैं। इनमें 50 बूथ यूनिक कैटेगरी में हैं।

कुल 1,152 मतदान केंद्रों पर मतदान की पूरी प्रक्रिया का जिम्मा महिलाओं के हाथों में रहेगा जबकि 23 बूथों की जिम्मेदारी युवा और 24 बूथों का जिम्मा दिव्यांग लोग संभालेंगे।

निर्वाचन आयोग ने जारी की गाइडलाइनः

मतदाताओं से अपील करते हुए के रवि कुमार ने कहा कि वे मतदान के लिए बूथ पर मतदाता पर्ची जरूर लेकर जाएं। जिन्हें मतदाता पर्ची नहीं मिली है, उन्हें मतदान केंद्र पर बीएलओ या वालेंटियर से संपर्क कर टोकन लेना चाहिए,

ताकि मतदान में उन्हें सुविधा हो। वोटर आईडी कार्ड नहीं रहने पर 12 तरह के मान्य अन्य पहचान के दस्तावेजों से मतदाता की पहचान के बाद मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।

आधार कार्ड, मनरेगा जाब कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटो सहित पेंशन दस्तावेज, केंद्र अथवा राज्य सरकार, पीएसयू, सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किए गए

फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, बैंक, डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, सांसदों, विधायकों, एमएलसी को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र और भारत सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजनों को जारी यूनिक डिसेबिलिटी आईडी शामिल हैं।

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