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रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस का फोकस अब दूसरे दलों की सीटों पर भी है। मतलब जिन क्षेत्रों में कांग्रेस चुनाव नहीं लड़ पाती है, उन क्षेत्रों पर पार्टी अब ज्यादा फोकस करेगी। ऐसे क्षेत्रों में बीएलए की नियुक्ति, वार्ड व पंचायत कमेटी के गठन में भी कांग्रेस सक्रियता दिखायेगी। अब तक इन क्षेत्रों में कांग्रेस की कमजोरी नजर आ रही है। इसलिए अब संबंधित क्षेत्रों पर कांग्रेस विशेष ध्यान देगी।
ऐसे क्षेत्रों में बीएलए की नियुक्ति के साथ ही वार्ड या पंचायत कमेटियों का गठन करने का निर्देश पार्टी की ओर से दिया गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्षों की बैठक इससे संबंधित निर्देश दिये गये हैं। बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द बीएलए की नियुक्ति का काम पूरा करने में सहयोग करें। साथ ही वार्ड एवं पंचायत कमेटियों के गठन का काम भी पूरा करें।
बैठक में ये रहे मौजूदः
जिलाध्यक्षों की बैठक में प्रदेश सह प्रभारी सिरीबेला प्रसाद, भूपेंद्र मारावी और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और मंत्री इरफान अंसारी भी मौजूद थे।
स्थापना दिवस को खास बनाने का निर्देशः
कांग्रेस जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि इस बार पार्टी के स्थापना दिवस को खास बनाएं। प्रदेश प्रभारी ने कहा कि हर पंचायत और वार्ड स्तर पर स्थापना दिवस के अवसर पर 28 दिसंबर को झंडा फहराएं। कार्यक्रम में आम लोगों और ग्रामीणों को भी शामिल करें। के. राजू ने कहा कि जनवरी में सभी बीएलए को मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से ट्रेनिंग दी जाएगी।
बैठक में बताया गया कि हर ग्राम पंचायत कमेटी 12 सदस्यों की होगी। वहीं नगर निकाय के 1100 वार्डों का गठन भी अंतिम चरण में है। हर माह प्रखंड एवं पंचायत की बैठक होगी। वहीं, 17 जनवरी के बाद सभी प्रखंड में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें जनता की समस्याओं के समाधान पर फोकस रहेगा।
केंद्र सरकार पर लगाये आरोपः
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पहले लोगों का रोजगार छीना और अब मनरेगा को खत्म करके ग्रामीण जनता के रोजगार की गारंटी भी छीन ली। उन्होंने कहा कि मनरेगा में ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, जो नए विधेयक में समाप्त कर दिया गया। किस गांव में काम होगा यह तय करने का अधिकार मजदूरों के हाथों में था, लेकिन अब इसे केंद्र सरकार तय करेगी। मनरेगा के तहत 90% फंड केंद्र सरकार देती थी, लेकिन अब सिर्फ 60% प्रतिशत राशि सिर्फ चुनिंदा क्षेत्रों में देगी।
बाबूलाल को कांग्रेस की बैठक का ऑडियो कहां से मिला
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान बाबूलाल मरांडी द्वारा कांग्रेस की बैठक के ऑडियो की जांच का मामला उठाए जाने के मामले में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने नेता प्रतिपक्ष को घेरा है। के. राजू ने कहा कि बाबूलाल से कांग्रेस पूछेगी कि उन्हें पार्टी की बैठक का ऑडियो कहां से मिला।

