JSSC CGL paper leak case:
रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा से जुड़े विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुके हैं। झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित (रिजर्व) रख लिया है। वहीं, पेपर लीक प्रकरण की जांच कर रही सीआईडी की कार्रवाई लगातार जारी है, जिससे अभ्यर्थियों में चिंता और भय का माहौल गहराता जा रहा है।सीआईडी ने हाल ही में दो कोचिंग संचालक कुणाल प्रताप सिंह और प्रकाश पोद्दार को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। जांच एजेंसी पेपर लीक नेटवर्क की शुरुआत और इसमें संलिप्त लोगों की पहचान में जुटी हुई है। अभ्यर्थियों को डर है कि जांच के बहाने उन्हें भी आरोपों में फंसाया जा सकता है।
छात्रों ने कहा:
इस बीच गुरुवार को छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मिला और ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने कहा कि हाईकोर्ट में मामला लंबित है और जजमेंट रिजर्व है, इसलिए सीआईडी को उनके खिलाफ कोई परेशान करने वाला कदम नहीं उठाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अभ्यर्थियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और कुछ को हिरासत में लिए जाने की आशंका जताई जा रही है।
छात्रों ने स्पष्ट किया:
छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं हैं और केवल निष्पक्ष परीक्षा की उम्मीद में कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। राज्यपाल ने छात्रों को कानूनी मार्ग अपनाने और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का सहारा लेने की सलाह दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार और न्यायपालिका दोनों ही अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के प्रति संवेदनशील हैं।
छात्रों की मांग:
बीते महीनों से पेपर लीक के बाद सीआईडी की जांच और छापेमारी जारी है। छात्रों की मांग है कि उनकी मानसिक शांति बनाए रखते हुए केवल निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। अब सभी की नजरें झारखंड हाईकोर्ट के आगामी फैसले पर टिकी हैं, जो राज्य की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा के भविष्य को तय करेगा।
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