Jharkhand High Court relief to private schools:
रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को राहत बरकरार रखी है। बीते मंगलवार को निजी स्कूलों के लिए सरकार की ओर से बनाए गए नियमों पर पूर्व के आदेश पर पुनर्विचार के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए पूर्व के आदेश को बरकरार रखा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजारः
अदालत ने कहा कि यह रोक तब तक बरकरार रहेगी, जब तक इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं आ जाता। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अधिवक्ता गौरव राज ने पक्ष रखते हुए कहा कि पूर्व के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ एक पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की है। इसलिए मामले में रोक हटाई जाए, लेकिन अदालत ने एसएलपी में फैसला आने तक रोक को बरकरार रखा।
यह है याचिकाकर्ता की मांगः
इस मामले में पब्लिक स्कूल्स एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने पक्ष रखा। उनकी ओर से हाईकोर्ट के उस आदेश में संशोधन की मांग की गई है, जिसमें नियम आने से पहले मान्यता प्राप्त विद्यालयों को भी नियमों का पालन करने का आदेश दिया गया है।







