Jharkhand High Court ruling
रांची। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत चना दाल वितरण को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर सख्ती दिखाई है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि हर हाल में 26 जनवरी तक चना दाल का वितरण शुरू किया जाए, और इस मामले में सरकार को किसी तरह की राहत नहीं दी गई।
क्या है मामला?
गरीबों के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री दाल वितरण योजना के तहत चना दाल और नमक का वितरण लंबे समय से नहीं होने से जुड़ी एक खबर पर Jharkhand High Court ने स्वतः संज्ञान लिया था। इसके बाद अदालत ने जनहित याचिका दर्ज कर राज्य सरकार से जवाब तलब किया था।
पीडीएस में चना दाल की कमी पर स्वतः संज्ञान
अदालत ने माना कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद वर्ग तक खाद्य सुरक्षा पहुंचाना है। चना दाल जैसे आवश्यक खाद्य पदार्थ का वितरण नहीं होना गंभीर लापरवाही है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
26 जनवरी तक वितरण शुरू करने का निर्देश
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दाखिल शपथ पत्र पर संतोष जताते हुए अदालत ने याचिका का निष्पादन कर दिया, लेकिन साथ ही सख्त निर्देश दिया कि 10 दिनों के भीतर यानी 26 जनवरी तक चना दाल का वितरण शुरू किया जाए।
पारदर्शी और निष्पक्ष वितरण पर जोर
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया कि चना दाल और अन्य खाद्य सामग्री का वितरण पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि यह नियमित रूप से उन लोगों तक पहुंचे जो बाजार दर पर दाल खरीदने में सक्षम नहीं हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए ठोस व्यवस्था करने को कहा गया है।








