झारखंड के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प, नये साल में बदलेगी तस्वीर

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Jharkhand government schools

रांची। नववर्ष 2026 के साथ झारखंड सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करने की योजना बनाई है। इसके तहत सभी सरकारी स्कूलों को आवश्यक संसाधनों से लैस किया जाएगा और इसके लिए लगभग 2582 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखा है।

शिक्षा विभाग ने स्कूल के सुविधाओं का आकलन किया

शिक्षा विभाग ने पहले ही राज्य के स्कूलों में शौचालय, बिजली, पेयजल, भवन, अतिरिक्त कक्ष और विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए सुविधाओं का आकलन कराया था। अब इसे मिशन मोड में लागू किया जाएगा और अगले तीन वर्षों में स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से संसाधनयुक्त बनाया जाएगा। स्कूलों में होने वाले निर्माण और सुधार कार्य के लिए यूनिट कॉस्ट झारखंड शिक्षा परियोजना के तकनीकी कोषांग द्वारा निर्धारित की गई है।

स्कूलों को संसाधनयुक्त करने में जिले में उपलब्ध डीएमएफटी, सीएसआर और अनटाइड फंड का उपयोग किया जाएगा। जिन जिलों में आवश्यक राशि नहीं मिलेगी, वहां शेष राशि राज्य स्तरीय संसाधनों से पूरी की जाएगी। जिला स्तर पर समग्र शिक्षा टीम और राज्य स्तर पर विभागीय टीम तथा जिला प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

शिक्षा विभाग के अनुसार

शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार, 234 स्कूलों में शौचालय नहीं हैं, 4749 स्कूलों में बिजली की कमी है, 410 स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था नहीं है, 7933 स्कूलों में रैंप नहीं हैं और 4754 स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष की आवश्यकता है। इसके अलावा 19111 स्कूलों में मरम्मत कार्य और 29 स्कूलों में नए भवन की जरूरत है।

सरकार का उद्देश्य

सरकार का उद्देश्य है कि नये साल में झारखंड के सरकारी स्कूल पूरी तरह संसाधनयुक्त हों और बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिलें, जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार और समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

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