Jharkhand State Information System: झारखंड सरकार बना रही स्टेट इंफारमेशन सिस्टम, वित्त विभाग ने सभी विभागों से मांगी जानकारी

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Jharkhand State Information System:

रांची। सरकारी कर्मियों के लिए राज्य सरकार इंप्लाइ इन्फॉरमेशन सिस्टम बना रही है। करीब दो लाख अधिकारियों और कर्मचारियों के सेवा काल की संपूर्ण जानकारियां, इसमें दर्ज होंगी। वित्त विभाग ने सभी विभागों को इस संबंध में पत्र भेजते हुए आवश्यक सूचनाएं मांगी हैं। सूचनाएं मिलने के बाद डीडीओ स्तर के बिल मैनेजमेंट सिस्टम में कर्मियों की ऑनलाइन दर्ज विवरणी को संशोधित किया जाएगा।

वित्त विभाग की उप सचिव ज्योति झा ने विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिवों भेजे पत्र में कहा है कि वित्त विभाग द्वारा इंप्लाइ इनफॉर्मेशन सिस्टम (ईआईएस) का विकास किया जा रहा है। इसके माध्यम से राज्य सरकार के कर्मियों के सेवा काल की संपूर्ण वित्तीय जानकारियों का लेखा-जोखा इसमें होगा। पे-स्केल, प्रामेशन, एसीपी, एमएसीपी, पेंशन और एडवांस आदि की जानकारी एक स्थान पर ही उपलब्ध होंगी।

मांगों पर निर्णय लेने में होगी सुविधाः

वित्त विभाग की उप सचिव ने कहा है कि ईसीएस में सरकारी कर्मियों की संपूर्ण जानकारी होने से विभागों द्वारा कर्मियों की विभिन्न मांगों पर समुचित निर्णय लेने में सुविधा होगी। संबंधित कर्मी भी इससे अपडेट रहेंगे। इसके लिए आवश्यक है कि कर्मियों से संबंधित प्राथमिक जानकारियां डीडीओ स्तर के बिल मैनेजमेंट सिस्टम में डीडीओ द्वारा सही-सही दर्ज की जाएं।

एचआरएमएस के बाद भी जरूरत क्यों ?

एचआरएमएस होने के बाद भी इसकी जरूरत क्यों पड़ी के जवाब में वित्त विभाग के अधिकारी ने बताया कि एचआरएमएस में सर्विस इतिहास की पूरी जानकारी होती है। पर, इसमें फाइनेंशियल तथ्यों की जानकारी होगी। यह दर्ज होगा कि संबंधित कर्मचारी-अधिकारियों ने शुरू से लेकर अब तक कितना वेतनमान लिया है। एसीपी-एमएसीपी आदि की जानकारियां होंगी। कब इन्क्रीमेंट हुआ, कब प्रमोशन हुआ, जिससे फाइनेंशियल निर्णय लेने में सुविधा रहेगी।

ईसीएस के विकास का कार्य अभी प्रक्रियाधीन है। इसमें अभी समय लगेगा। अभी डाटा की मांग की गई है। बेसिक सूचना भी रहेगी। सभी विभाग को पता होगा कि उसके कर्मचारी किस पे-स्केल में हैं। बजट बनाने में सुविधा होगी। पेंशन में भी कर्मचारियों और विभागों को सहूलियत होगी। यह सूचना कर्मचारियों के पास भी रहेगी। वह देख सकता है कि उसे कौन-कौन सी सुविधाएं मिलनी थीं और कौन-कौन मिली या नहीं मिली। इससे डीडीओ को भी लाभ मिलेगा।

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