Jharkhand government:
रांची | 16वें वित्त आयोग की टीम चार दिवसीय दौरे पर झारखंड आई है। राज्य सरकार आयोग के साथ होनेवाली बैठक की तैयारी कर चुकी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और अधिकारियों के साथ बैठक कर एजेंडों पर चर्चा की है।
Jharkhand government: 1200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखेगी सरकारः
बैठक में तय हुआ कि राज्य सरकार 16वें वित्त आयोग के समक्ष पांच वर्षों के लिए 1200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखेगी। राज्य सरकार वित्त आयोग के समक्ष प्रत्येक जिले को प्रतिवर्ष 10-10 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने की मांग करेगी।
Jharkhand government: विशेष केंद्रीय सहायता से संचालित योजनाओं को जारी रखने की मांगः
24 जिलों के लिए प्रतिवर्ष 240 करोड़ रुपये की मांग की जाएगी। पांच वर्ष के लिए यह राशि 1200 करोड़ रुपये होगी। राज्य सरकार यह कहते हुए विशेष केंद्रीय सहायता के तहत संचालित योजनाओं को आगे भी जारी रखने की मांग करेगी कि पूर्व में विशेष केंद्रीय सहायता के तहत प्रथम एवं दूसरे चरण में एक हजार योजनाएं ली गई थीं।
उन योजनाओं के संचालन से राज्य में उग्रवाद की समस्या में कमी आई तथा गांवों में मूलभूत सुविधाएं भी बढ़ीं। रोजगार की संभावनाओं में भी वृद्धि हुई। राज्य सरकार कई आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन नहीं होने, स्कूलों में ड्राप आउट अधिक होने तथा सकल नामांकन अनुपात कम होने का हवाला देते हुए इसके लिए भी राशि की मांग करेगी।
स्वास्थ्य में संस्थागत प्रसव की दर को बढ़ाने तथा आधारभूत संरचनाओं के लिए राशि की मांग की जाएगी। सड़कों के निर्माण के लिए भी राशि की मांग होगी।
Jharkhand government: राज्य के वित्तीय प्रबंधन की समीक्षा होगीः
बताते चलें कि वित्त आयोग की टीम अपने दौरे के क्रम में राज्य के वित्तीय प्रबंधन की समीक्षा करेगी और अनुदान तथा केंद्रीय सहायता के बारे में जानकारी लेगी कि उनका किस तरह से खर्च किया जा रहा है। इसके अलावा टीम यह भी देखेगी कि राज्य के सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में क्या काम हुआ है।
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