रांची। केंद्र सरकार ने आचार संहिता लागू रहने के दौरान ही 28 मार्च को केंद्रीय कर्मियों का महंगाई भत्ते (डीए) में 4 फीसदी का इजाफा किया है।
एक जनवरी से लागू भी हो गया है। इस बढ़ोतरी के साथ डीए 50 फीसदी हो गया है। सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुसार जब भी डीए 50 फीसदी होता है, तो उसे कर्मचारी की बेसिक सैलरी में मर्ज कर दिया जाता है। इससे हाउस रेंट सहित अन्य भत्तों में बढ़ोतरी हो जाती है।
लेकिन, झारखंड में आचार संहिता का हवाला देकर ऐसा नहीं हुआ। डीए मर्ज नहीं होने और हाउस रेंट में वृद्धि नहीं होने से राज्य के लगभग 3.5 लाख कर्मचारियों में असंतोष है।
पर, अगले दो-तीन दिनों में चुनाव आचार संहिता खत्म होने के साथ सरकार इसपर फैसला लेगी।
इसके बाद राज्यकर्मियों का बेसिक व डीए मर्ज कर दिया जाएगा। ग्रेच्युटी -हाउस रेंट में बढ़ोतरी होगी।
डीए मर्जर से राज्यकर्मियों का क्या होगा लाभ
यदि कर्मचारी का मूल वेतन 1000 रु. और महंगाई भत्ता में 500 रु. मिलता है, तो मर्ज के बाद राशि 1500 रु. हो जाएगी।
नए बेसिक के अनुसार ग्रेच्युटी की राशि में 25% की वृद्धि होगी। इससे ग्रेच्युटी की 20 लाख से बढ़कर 25 लाख रुपए हो जाएगी।
हाउस रेंट में भी वृद्धि होगी। एक्स कैटेगरी के शहरों में हाउस रेंट 27% की जगह मूल वेतन का 3% होगा।
वाई कैटेगरी के शहरों में हाउस रेंट 18% की जगह 20% और जेड कैटेगरी की शहरों में 9% से बढ़कर 10% हो जाएगा।
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